{"_id":"6ac3f5c8e477c421440bda4f","slug":"research-on-basketball-players-broad-thigh-muscles-in-bhu-players-greater-height-in-noida-players-2026-10-06","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बास्केटबॉल खिलाड़ियों पर शोध: बीएचयू में जांघ की चौड़ी मसल्स, नोएडा में हाइट, पीलीभीत वालों में फैट ज्यादा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बास्केटबॉल खिलाड़ियों पर शोध: बीएचयू में जांघ की चौड़ी मसल्स, नोएडा में हाइट, पीलीभीत वालों में फैट ज्यादा
Tue, 06 Oct 2026 08:39 AM IST
Pragati Chand
हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 06 Oct 2026 08:39 AM IST
सार
बीएचयू में सात जगहों के 80 बास्केटबॉल खिलाड़ियों पर शोध हुआ। इनकी औसत उम्र 16 साल थी। शोध के दौरान पता चला कि ट्रेनिंग-कोचिंग और स्थान के अनुसार शारीरिक बनावट में अंतर आ रहा है।
विज्ञापन
बास्केटबॉल खिलाड़ियों पर शोध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीएचयू के एक शोध में अलग अलग इलाके के बास्केटबॉल खिलाड़ियों की शारीरिक बनावट में अंतर पाया गया है। आठ महीने तक चले इस शोध में नोएडा के खिलाड़ियों की हाइट और पैर सबसे लंबे पाए गए। बीएचयू के खिलाड़ियों की जांघ की मसल्स की चौड़ाई सबसे ज्यादा मिली है। हालांकि इनमें फैट कम पाया गया। वहीं, पीलीभीत के खिलाड़ियों में त्वचा के नीचे फैट सबसे ज्यादा मिला है।
विज्ञापन
बीएचयू के शारीरिक शिक्षा विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अभिमन्यु सिंह और उनके पीएचडी छात्र आकाश सिंह ने यह अध्ययन चार जिलों और दो संस्थानों के 80 खिलाड़ियों पर किया है। इनकी औसत उम्र 16 साल थी। यह रिसर्च पेपर स्कोपस इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एक्वेटिक रिसर्च एंड एनवायरनमेंटल स्टडीज में प्रकाशित हो चुका है।
विज्ञापन
Trending Videos
खिलाड़ियों की लंबाई, पैर की लंबाई, हाथ की लंबाई, जांघ और पिंडली की मोटाई का आकलन किया गया। इसमें नोएडा, आगरा, गोरखपुर, वाराणसी, पीलीभीत, बरेका और बीएचयू के खिलाड़ियों को शोध में शामिल किया गया है।
शारीरिक बनावट के इस शोध के मुताबिक स्किन फोल्ड यानी कमर का सबसे चौड़ा घेरा पीलीभीत और सबसे कम आगरा के खिलाड़ियों में मिला है। वाराणसी शहर के खिलाड़ियों के हाथ सबसे लंबे और पैर छोटे मिले हैं। वहीं सबसे कम हाइट बीएचयू के खिलाड़ियों की रही है। सबसे कम फैट नोएडा और जांघ की सबसे कम मोटी मांसपेशियां बरेका के खिलाड़ियों में पाई गई है। सबसे छोटे हाथ पीलीभीत के खिलाड़ियों के थे। वहीं नोएडा के बाद गोरखपुर के खिलाड़ियों की हाइट सबसे ज्यादा मिली।
शारीरिक बनावट के इस शोध के मुताबिक स्किन फोल्ड यानी कमर का सबसे चौड़ा घेरा पीलीभीत और सबसे कम आगरा के खिलाड़ियों में मिला है। वाराणसी शहर के खिलाड़ियों के हाथ सबसे लंबे और पैर छोटे मिले हैं। वहीं सबसे कम हाइट बीएचयू के खिलाड़ियों की रही है। सबसे कम फैट नोएडा और जांघ की सबसे कम मोटी मांसपेशियां बरेका के खिलाड़ियों में पाई गई है। सबसे छोटे हाथ पीलीभीत के खिलाड़ियों के थे। वहीं नोएडा के बाद गोरखपुर के खिलाड़ियों की हाइट सबसे ज्यादा मिली।
विज्ञापन
अच्छी ट्रेनिंग से चौड़ी होती हैं मांसपेशियां
प्रो. सिंह के मुताबिक खिलाड़ियों के हाथ की लंबाई और फैट में जिलों के बीच बड़ा अंतर नहीं मिला है। वहीं बीएचयू के खिलाड़ियों के जांघ का चौड़ा घेरा बास्केटबॉल के लिए बेहतर माना गया है। बास्केटबॉल में कूदने, तेजी से दिशा बदलने और दौड़ने के दौरान इन मांसपेशियों पर काफी दबाव पड़ता है। हर उम्र के खिलाड़ी में ये अंतर पाया गया है।
प्रो. सिंह के मुताबिक खिलाड़ियों के हाथ की लंबाई और फैट में जिलों के बीच बड़ा अंतर नहीं मिला है। वहीं बीएचयू के खिलाड़ियों के जांघ का चौड़ा घेरा बास्केटबॉल के लिए बेहतर माना गया है। बास्केटबॉल में कूदने, तेजी से दिशा बदलने और दौड़ने के दौरान इन मांसपेशियों पर काफी दबाव पड़ता है। हर उम्र के खिलाड़ी में ये अंतर पाया गया है।
भौगोलिक, ट्रेनिंग-कोचिंग मुख्य वजह
खिलाड़ियों में आए इस अंतर के पीछे भौगोलिक और ट्रेनिंग-कोचिंग ही मुख्य वजह है। जांघों की मोटी मांसपेशियों के पीछे ट्रेनिंग, वहीं लंबाई में भौगोलिक स्थिति वजह बनी है। शोध के अनुसार, एक ही आयु वर्ग के लेकिन अलग अलग ट्रेनिंग पाए और इलाकों से आए बास्केटबॉल खिलाड़ियों की शारीरिक बनावट अलग हो सकती है। इस शोध के आधार पर सिलेक्शन-ट्रायल में काफी मदद मिलेगी। हालांकि खिलाड़ी की प्रतिभा तय करने में उसकी स्किल, गति, ताकत, सहनशक्ति और खेल प्रदर्शन भी बहुत अहम है।
खिलाड़ियों में आए इस अंतर के पीछे भौगोलिक और ट्रेनिंग-कोचिंग ही मुख्य वजह है। जांघों की मोटी मांसपेशियों के पीछे ट्रेनिंग, वहीं लंबाई में भौगोलिक स्थिति वजह बनी है। शोध के अनुसार, एक ही आयु वर्ग के लेकिन अलग अलग ट्रेनिंग पाए और इलाकों से आए बास्केटबॉल खिलाड़ियों की शारीरिक बनावट अलग हो सकती है। इस शोध के आधार पर सिलेक्शन-ट्रायल में काफी मदद मिलेगी। हालांकि खिलाड़ी की प्रतिभा तय करने में उसकी स्किल, गति, ताकत, सहनशक्ति और खेल प्रदर्शन भी बहुत अहम है।