IIT BHU: प्लास्टिक वेस्ट को उच्च गुणवत्ता वाला ईंधन बना देगा रिएक्टर, जानें इको फ्रेंडली तरीका
आईआईटी बीएचयू में हुए इस रिसर्च की काफी सराहना हो रही है। इससे प्लास्टिक कचरे से मुक्ति मिलने की गुंजाइश है। इस तकनीक को भारत सरकार की ओर से पेटेंट भी मिल चुका है।
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IIT BHU: आईआईटी बीएचयू में बनारस की समस्याओं और जरूरतों से जुड़ा रिसर्च हुआ है। प्लास्टिक वेस्ट को उच्च गुणवत्ता वाले ईंधन में बदलने की तकनीक विकसित की गई है। एक रिएक्टर बनाया गया है जो इको फ्रेंडली तरीके से शहर को प्लास्टिक कचरा से मुक्त कर एक टिकाऊ समाधान निकालेगा।
केमिकल इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी विभाग के वैज्ञानिकों की टीम ने शहर के डंपिंग यार्ड का गहन सर्वेक्षण करने के बाद ही इस रिसर्च को पूरा किया है। यह शोध वेस्ट मटेरियल एंड इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनर्जी रिसर्च पेपर में प्रकाशित हो चुका है।
इस तकनीक को भारत सरकार की ओर से पेटेंट भी मिल चुका है। वैज्ञानिकों की टीम ने इसके लिए मल्टीस्टेज कैटालिटिक पाइरोसिस रिएक्टर बनाया। फिर नदी की मिट्टी से कम लागत वाला प्राकृतिक उत्प्रेरक का उपयोग करके पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीस्टाइरीन जैसे प्लास्टिक को डीजल और केरोसिन श्रेणी के ईंधन में बदला गया।
जल निकासी समस्या होगी खत्म
संस्थान के प्रो. हीरालाल प्रमाणिक के नेतृत्व में रिसर्च हुआ। ये इनोवेशन पूरी तरह से बनारस की समस्या से जुड़ा हुआ है। यहां प्लास्टिक के अनुचित निस्तारण के कारण जल निकासी व्यवस्था में रुकावटें उत्पन्न होती हैं। ऐसे में यह तकनीक न केवल ऊर्जा का दोबारा उपयोग सुनिश्चित करती है, बल्कि एक स्थायी समाधान भी देती है।
अब व्यावसायिक स्तर पर होगा काम
वैज्ञानिकों ने कहा कि इस तकनीक को अब ग्राउंड स्तर पर लागू किया जाएगा। देश में प्लास्टिक से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में एक स्थायी समाधान बनेगा। निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने प्रो. हीरालाल प्रमाणिक और उनकी टीम के उत्कृष्ट शोध कार्य की सराहना की है, जिसे उन्होंने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय योगदान बताया है।
अधिकारियों ने किया विद्यालय का निरीक्षण
पीएम श्री विद्यालय बेसहूपुर का मंगलवार समग्र शिक्षा (माध्यमिक) लखनऊ के उपनिदेशक दीपचंद एवं सलाहकार डॉ. राजेश मिश्रा ने निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर शिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान बच्चों से प्रश्न भी पूछे। खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार यादव, प्रधानाध्यापक संतोष कुमार दुबे मौजूद रहे।