फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Research Blue-green algae also change color to avoid dangers research conducted at BHU unique information

Research: खतरों से बचने के लिए नील-हरित शैवाल भी बदलते हैं रंग, बीएचयू में हुआ शोध; जानें अनोखी जानकारी

Tue, 28 Oct 2025 02:23 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 28 Oct 2025 02:23 PM IST
सार

Varanasi News: यह शोध फ्रेमीला डिप्लोसिफॉन पर केंद्रित है, जो सायनोबैक्टीरियम का एक प्रकार है। ये प्रकाश को अनुकूलित करने के लिए अपने रंगों को बदलता है। इस प्रक्रिया को क्रोमैटिक एक्लिमेशन कहा जाता है। 

विज्ञापन
Research Blue-green algae also change color to avoid dangers research conducted at BHU unique information
BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू के वैज्ञानिकों ने रिसर्च कर साइनो बैक्टीरिया या नील-हरित शैवाल में नई तरह की इम्युनिटी का पता लगाया है। ये बैक्टीरिया पर्यावरणीय खतरों को भांपकर अपनी रक्षा करने के लिए रंग बदल लेते हैं। 

विज्ञापन


ये किसी भी समय प्रकाश का इस्तेमाल कर रंगों का निर्धारण कर सकते हैं। इन साइनो बैक्टीरिया को प्रकृति की सबसे मूलभूत इकाई कहा जाता है। इसी से वैश्विक ऑक्सीजन उत्पादन, नाइट्रोजन स्थिरीकरण और ग्रीनहाउस यानी कार्बन डाइऑक्साइड गैस आदि का चक्र चलता है। ये झीलों, नदियों, महासागरों और पृथ्वी पर जीवन को समझने में बड़े रहस्यों को खोलते हैं।
विज्ञापन


बीएचयू का यह रिसर्च अंतरराष्ट्रीय जर्नल फ्री रेडिकल बायोलॉजी एंड मेडिसिन में प्रकाशित हो चुका है। इस रिसर्च टीम में अंजलि गुप्ता, सपना तिवारी और डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस खोज से यह समझने में मदद मिलेगी कि ये आधारभूत जलीय जीव तेजी से प्रदूषित होती जल प्रणालियों में कैसे पनपते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रोटीन के रेस की हुई पहचान
वैज्ञानिकों ने केंद्रीय प्रकाश संवेदक प्रोटीन रेस की पहचान की है। रेस वह होता है जो कि जीव को हरे और लाल प्रकाश के बीच अंतर समझने में मदद करता है। अध्ययन से पता चलता है कि यह रेस हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे विषैले अणुओं से उत्पन्न ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने के लिए कोशिका की रणनीति भी निर्धारित करता है। वहीं परा ऑक्साइड जलीय आवासों में एक सामान्य प्रदूषक और प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाली समस्याओं की प्रमुख वजह है।

रेस है प्रकाश का नियामक
शोध दल के प्रमुख डॉ. सिंह ने कहा कि हमने पाया कि रेस सिर्फ प्रकाश का नियामक नहीं है, बल्कि यह उनकी संपूर्ण कोशिकीय रक्षा प्रणाली का मुख्य समन्वयक है। यह मूल तौर पर जीव की आंतरिक रक्षा रणनीति को इस आधार पर बदलता है कि उसे हरा या लाल प्रकाश दिखाई देता है। यह खोज दिखाता है कि रेस प्रोटीन एक जटिल संतुलन क्रिया में मध्यस्थता करता है, जो जीव के तत्काल प्रकाश वातावरण के अनुरूप उसकी सुरक्षा को बदलकर उसके अस्तित्व को सुनिश्चित करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed