Research: खतरों से बचने के लिए नील-हरित शैवाल भी बदलते हैं रंग, बीएचयू में हुआ शोध; जानें अनोखी जानकारी
Varanasi News: यह शोध फ्रेमीला डिप्लोसिफॉन पर केंद्रित है, जो सायनोबैक्टीरियम का एक प्रकार है। ये प्रकाश को अनुकूलित करने के लिए अपने रंगों को बदलता है। इस प्रक्रिया को क्रोमैटिक एक्लिमेशन कहा जाता है।
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बीएचयू के वैज्ञानिकों ने रिसर्च कर साइनो बैक्टीरिया या नील-हरित शैवाल में नई तरह की इम्युनिटी का पता लगाया है। ये बैक्टीरिया पर्यावरणीय खतरों को भांपकर अपनी रक्षा करने के लिए रंग बदल लेते हैं।
ये किसी भी समय प्रकाश का इस्तेमाल कर रंगों का निर्धारण कर सकते हैं। इन साइनो बैक्टीरिया को प्रकृति की सबसे मूलभूत इकाई कहा जाता है। इसी से वैश्विक ऑक्सीजन उत्पादन, नाइट्रोजन स्थिरीकरण और ग्रीनहाउस यानी कार्बन डाइऑक्साइड गैस आदि का चक्र चलता है। ये झीलों, नदियों, महासागरों और पृथ्वी पर जीवन को समझने में बड़े रहस्यों को खोलते हैं।
बीएचयू का यह रिसर्च अंतरराष्ट्रीय जर्नल फ्री रेडिकल बायोलॉजी एंड मेडिसिन में प्रकाशित हो चुका है। इस रिसर्च टीम में अंजलि गुप्ता, सपना तिवारी और डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस खोज से यह समझने में मदद मिलेगी कि ये आधारभूत जलीय जीव तेजी से प्रदूषित होती जल प्रणालियों में कैसे पनपते हैं।
प्रोटीन के रेस की हुई पहचान
वैज्ञानिकों ने केंद्रीय प्रकाश संवेदक प्रोटीन रेस की पहचान की है। रेस वह होता है जो कि जीव को हरे और लाल प्रकाश के बीच अंतर समझने में मदद करता है। अध्ययन से पता चलता है कि यह रेस हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे विषैले अणुओं से उत्पन्न ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने के लिए कोशिका की रणनीति भी निर्धारित करता है। वहीं परा ऑक्साइड जलीय आवासों में एक सामान्य प्रदूषक और प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाली समस्याओं की प्रमुख वजह है।
रेस है प्रकाश का नियामक
शोध दल के प्रमुख डॉ. सिंह ने कहा कि हमने पाया कि रेस सिर्फ प्रकाश का नियामक नहीं है, बल्कि यह उनकी संपूर्ण कोशिकीय रक्षा प्रणाली का मुख्य समन्वयक है। यह मूल तौर पर जीव की आंतरिक रक्षा रणनीति को इस आधार पर बदलता है कि उसे हरा या लाल प्रकाश दिखाई देता है। यह खोज दिखाता है कि रेस प्रोटीन एक जटिल संतुलन क्रिया में मध्यस्थता करता है, जो जीव के तत्काल प्रकाश वातावरण के अनुरूप उसकी सुरक्षा को बदलकर उसके अस्तित्व को सुनिश्चित करता है।