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अंधरा पुल को बनाया स्वच्छता पुल, सपा नेताओं ने कहा केवल ‘चूना’ लगाया
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 25 Apr 2017 04:25 PM IST
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महापौर ने किया था ‘स्वच्छता पुल’ का उद्घाटन
- फोटो : अमर उजाला
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अंधरापुल का नाम बदलकर स्वच्छता पुल रखने पर सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम ने इस पुल को एक निजी संस्था को दे दिया है। इस पर सपा पार्षदों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि संस्था ने सफाई के बहाने पुल पर चूना पोतकर नाम बदलने का प्रचार कर दिया है।
सोमवार को सपा पार्षद नगर आयुक्त से मिले और प्रूछा कि किस आधार पर पुल का नाम बदल दिया गया। सपा पार्षद दल के नेता विजय जायसवाल ने शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि जब तक शासन की अनुमति नहीं होगी तब तक शहर में कहीं भी नया नामकरण नहीं किया जा सकता।
जायसवाल ने कहा कि पूर्व की सरकार ने शासनादेश जारी किया था कि यदि निगमों, नगर पंचायतों, जिला पंचायतों में किसी सदन से महापुरुषों की मूर्ति अनावरण, क्षेत्रों, गली, मुहल्ले या स्थान का नाम सदन में रखकर स्वीकृति के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। यह अधिकार शासन को है।
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इसके लिए निगमों से प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा और वहां कैबिनेट से पास होने के बाद सदन से सहमति मिलने पर कोई परिवतर्न होगा। नगर आयुक्त से मिलने वालों में शंकर विश्नानी, वरुण सिंह, अवनीश accसिंह मुन्ना, रामशरण बिंद, मकबूल अंसारी, असलम जावेद असंारी, पूनम विश्वकर्मा मौजूद रहीं।
सोमवार को सपा पार्षद नगर आयुक्त से मिले और प्रूछा कि किस आधार पर पुल का नाम बदल दिया गया। सपा पार्षद दल के नेता विजय जायसवाल ने शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि जब तक शासन की अनुमति नहीं होगी तब तक शहर में कहीं भी नया नामकरण नहीं किया जा सकता।
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जायसवाल ने कहा कि पूर्व की सरकार ने शासनादेश जारी किया था कि यदि निगमों, नगर पंचायतों, जिला पंचायतों में किसी सदन से महापुरुषों की मूर्ति अनावरण, क्षेत्रों, गली, मुहल्ले या स्थान का नाम सदन में रखकर स्वीकृति के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। यह अधिकार शासन को है।
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इसके लिए निगमों से प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा और वहां कैबिनेट से पास होने के बाद सदन से सहमति मिलने पर कोई परिवतर्न होगा। नगर आयुक्त से मिलने वालों में शंकर विश्नानी, वरुण सिंह, अवनीश accसिंह मुन्ना, रामशरण बिंद, मकबूल अंसारी, असलम जावेद असंारी, पूनम विश्वकर्मा मौजूद रहीं।