BHU: प्रो. ओमशंकर को हृदय रोग विभागाध्यक्ष पद से हटाया, BHU में 13 दिन से कर रहे थे अनशन, अब ये बने अध्यक्ष
वाराणसी के बीएचयू हॉस्पिटल में चल रहे जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट प्रोफेसर ओम शंकर के अनशन ने नया मोड़ ले लिया है। शुक्रवार को उन्हें उनके अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। जो अगले आदेश तक जारी रहेगा।
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बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में चौथा तल और पांचवे मंजिल पर आधा जगह हृदय रोगियों के लिए आवंटित करने के आईएमएस बीएचयू निदेशक के लिखित आदेश का पालन कराने के लिए पिछले 14 दिनों से अनशन पर बैठे हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर ओमशंकर को बीएचयू प्रशासन ने उनके पद से हटा दिया है।
उनकी जगह पर प्रो.विकास अग्रवाल को अगले आदेश तक अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है। शुक्रवार की रात इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। कुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी आदेश में प्रोफेसर ओमशंकर के अनशन पर बैठने और उनकी उपलब्धता न होने का हवाला दिया गया है।
इधर बीएचयू प्रशासन की कार्यवाही के बारे में प्रोफेसर ओमशंकर का कहना है कि 11 में से वह अपने विभाग में ही अनशन कर रहे हैं। इस दौरान मरीज को देखने के साथ ही परामर्श सहित अन्य सेवा भी से रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जो अनुपलब्धता की बात कही गई है, वह गलत है। इस तरह का फैसला जानबूझकर लिया गया है।
उनका कहना है कि आठ मार्च को आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर एसएन शंखवार ने खुद सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक का पूरा चौथा तल और पांचवें तल पर आधा जगह आवंटित करने का लिखित आदेश दिया है। जिसका वह खुद पालन नहीं कर पा रहे हैं। फिलहाल, अनशन जारी रहेगा और वह विभाग के अध्यक्ष पद का चार्ज किसी को नहीं देने वाले हैं। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार 31 जुलाई तक अध्यक्ष का कार्यकाल है।
प्रो. ओमशंकर के समर्थन में निकाला जुलूस
बीएचयू में अनशन कर रहे हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो़ ओमशंकर के समर्थन में शुक्रवार को सामाजिक संगठनों ने जुलूस निकाला। इस दौरान सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने प्रो. ओमशंकर के समर्थन में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपकर देश में स्वास्थ्य का अधिकार लागू करने की मांग की।
एपवा प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा ने कहा कि सरकार चिकित्सक के मांग को अनसुना कर लोगों के स्वास्थ्य के अधिकार से वंचित कर रही है। साझा संस्कृति मंच के वल्लभचार्य पांडेय ने कहा कि प्रो़ ओमशंकर जनता की मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं। आज तक किसी चिकित्सक ने जनता की समस्या को लेकर अनशन नहीं किया होगा।
बनारस नागर समाज से जुड़े दो दर्जन से अधिक सामाजिक कार्यकर्ता शुक्रवार दोपहर शास्त्री घाट वरुणापुल पर एकत्र हुए और प्रो़ ओमशंकर के समर्थन में वरुणा पुल से जिला मुख्यालय तक मार्च निकालकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम के प्रतिनिधि अपर जिलाधिकारी नगर को सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ़ आनंद प्रकाश तिवारी, फादर आनंद, जगन्नाथ कुशवाहा, जागृति राही, राम जनम रहे।
बीएचयू अस्पताल में बेड प्रबंधन पर नई कमेटी लेगी फैसला
बीएचयू अस्पताल में बेड आवंटन के लिए हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओम शंकर के अनशन के बाद आईएमएस प्रशासन ने मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर बेड उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए एम्स नई दिल्ली के पूर्व निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है, जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।
आईएमएस प्रशासन के फैसले के बाद एनएमसी के मानकों के अनुसार अस्पताल में उपलब्ध बेड का वर्गीकरण करने के साथ ही डॉक्टर, नर्स एवं अन्य कर्मचारियों के अनुपात का भी मूल्यांकन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि मेडिकल रिसर्च, शैक्षणिक कार्य एवं मरीजों की देखभाल के लिए अधिकतम सुविधाएं नियम के अनुरूप प्रदान की जाएं।
बीएचयू का चिकित्सा विज्ञान संस्थान देश के सर्वश्रेष्ठ पांच मेडिकल संस्थानों में शामिल है। इस प्रकार के प्रयासों से संस्थान को भारत के श्रेष्ठ तीन संस्थानों में लाने के प्रयासों को गति मिलेगी।
प्रो. विकास अग्रवाल हृदय रोग विभागाध्यक्ष बने
हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर के कई दिनों से अनशन पर बैठे होने के कारण खाली पड़े कार्डियोलॉजी के विभागाध्यक्ष का प्रभार शुक्रवार को प्रो. विकास अग्रवाल को दे दिया गया। आईएमएस बीएचयू के डायरेक्टर की संस्तुति पर कुलपति प्रो. सुधीर जैन ने उनकी नियुक्ति की है। यह जानकारी उप कुलसचिव सामान्य प्रशासन रंजीत शांडिल्य ने दी।
बीएचयू प्रशासन के आश्वासन के बाद माने भाकियू नेता
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सदस्यों ने प्रो. ओमशंकर के अनशन के मामले में बीएचयू प्रशासन से वार्ता की। बीएचयू प्रशासन के आश्वासन के बाद किसान यूनियन के नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को दोबारा बातचीत करेगा। किसान यूनियन के सदस्यों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से ओमशंकर का अनशन तोड़वाने के लिए बातचीत करने और शिकायतों की जांच के लिए समिति बनाने की मांग की।
मुख्य आरक्षाधिकारी प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि भाकियू के सदस्यों आश्वासन देकर भेजा गया है। वहीं, भाकियू के चंदौली जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान ने कहा कि अगर मांगें न मानीं गईं तो पूरे शहर में संगठन के कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।