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पंचक्रोशी के पांचों पड़ाव का होगा कायाकल्प
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 04 Oct 2016 01:56 AM IST
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केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने सोमवार की देर शाम होटल क्लार्क में संगीत, साहित्य, शिक्षा एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े काशी के प्रबुद्धजनों के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य मकसद काशी में पर्यटन के विकास की संभावनाएं तलाशना था। पर्यटन मंत्री ने बताया कि दो साल में काशी में पर्यटन के विकास पर 26 करोड़ रुपये केंद्र सरकार खर्च कर चुकी है मगर यहां कोई बदलाव दिख नहीं रहा। बैठक में विधायक रवींद्र जायसवाल ने पंचक्रोशी मार्ग की बदहाली का मुद्दा उठाया और उसे पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की बात कही। पर्यटन मंत्री ने कहा कि पंचक्रोशी के पांचों पड़ाव को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा।
मालूम हो कि 75 किलोमीटर लंबे पंचक्रोशी यात्रा में पांच पड़ाव (कर्मदेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, पांचों पंडवा व कपिलधारा) हैं। पर्यटन विभाग इन सभी पांचों पड़ाव को सैलानियों की सुविधा की दृष्टि से विकसित करेगा। सुझाव आया कि पंचक्रोशी मार्ग पर दस फीट चौड़ा पाथवे बनाया जाय। जिसका सुबह-शाम टहलने वाले इस्तेमाल कर सके। पाथवे बनने से भी यहां सैलानी आएंगे। काशी में संगीत अकादमी की चर्चा छिड़ी तो केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जमीन के अभाव में प्रोजेक्ट रुका हुआ है। जमीन मिलते ही अकादमी खुल जाएगी। प्रबुद्धजनों ने सुझाव दिया कि शहर से कबीर, तुलसी, प्रेमचंद जैसी शख्सियतों का गहरा रिश्ता है। इनका अपना मोहल्ला है। इनके मोहल्ले और चौराहों की सजावट ऐसी होनी चाहिए कि बाहर से आने वाले सैलानी को वहां से गुजरते ही अहसास हो जाय कि वे तुलसीदास या कबीरदास के मोहल्ल से गुजर रहे हैं।
बैठक में उप शास्त्रीय गायक छन्नूलाल मिश्र, बीएचयू आईआईटी के डायरेक्ट प्रो. राजीव संगल, काशी विद्यसपीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग, कला प्रकाश के अशोक कपूर, शास्त्रीय गायक प्रो. राजेश्वर आचार्य, अमिताभ भट्टाचार्या समेत साहित्य, संस्कृति एवं शिक्षा जगत से जुड़ी काशी की तमाम हस्तियां मौजूद रहीं। दोपहर में बनारस पहुंचे पर्यटन राज्यमंत्री ने पीएम के जनसंपर्क कार्यालय पर जनसुनवाई की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उसकी हरकतों का माकूल जवाब दिया जाएगा। केंद्र सरकार हर स्थिति से निबटने के लिए तैयार है।
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मालूम हो कि 75 किलोमीटर लंबे पंचक्रोशी यात्रा में पांच पड़ाव (कर्मदेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, पांचों पंडवा व कपिलधारा) हैं। पर्यटन विभाग इन सभी पांचों पड़ाव को सैलानियों की सुविधा की दृष्टि से विकसित करेगा। सुझाव आया कि पंचक्रोशी मार्ग पर दस फीट चौड़ा पाथवे बनाया जाय। जिसका सुबह-शाम टहलने वाले इस्तेमाल कर सके। पाथवे बनने से भी यहां सैलानी आएंगे। काशी में संगीत अकादमी की चर्चा छिड़ी तो केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जमीन के अभाव में प्रोजेक्ट रुका हुआ है। जमीन मिलते ही अकादमी खुल जाएगी। प्रबुद्धजनों ने सुझाव दिया कि शहर से कबीर, तुलसी, प्रेमचंद जैसी शख्सियतों का गहरा रिश्ता है। इनका अपना मोहल्ला है। इनके मोहल्ले और चौराहों की सजावट ऐसी होनी चाहिए कि बाहर से आने वाले सैलानी को वहां से गुजरते ही अहसास हो जाय कि वे तुलसीदास या कबीरदास के मोहल्ल से गुजर रहे हैं।
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बैठक में उप शास्त्रीय गायक छन्नूलाल मिश्र, बीएचयू आईआईटी के डायरेक्ट प्रो. राजीव संगल, काशी विद्यसपीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग, कला प्रकाश के अशोक कपूर, शास्त्रीय गायक प्रो. राजेश्वर आचार्य, अमिताभ भट्टाचार्या समेत साहित्य, संस्कृति एवं शिक्षा जगत से जुड़ी काशी की तमाम हस्तियां मौजूद रहीं। दोपहर में बनारस पहुंचे पर्यटन राज्यमंत्री ने पीएम के जनसंपर्क कार्यालय पर जनसुनवाई की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उसकी हरकतों का माकूल जवाब दिया जाएगा। केंद्र सरकार हर स्थिति से निबटने के लिए तैयार है।
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