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सलाह: एकेडमी के कोच की जांच के बाद कराएं बच्चों का पंजीकरण, नहीं तो खराब हो सकता है कॅरिअर
Thu, 07 May 2026 02:16 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Thu, 07 May 2026 02:16 PM IST
सार
खेलों का चयन करने से पहले ओलंपिक की वेबसाइट पर जाकर पंजीकृत खेलों की सूची देखनी चाहिए। इसके बाद मान्यता प्राप्त खेलों का प्रशिक्षण देने वाली एकडमियों में बच्चों का दाखिला कराना चाहिए।
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Sports News
- फोटो : Adobe Stock (अमर उजाला ग्राफिक्स)
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विस्तार
बच्चों को खेल एकेडमियों में दाखिला कराने से पूर्व अभिभावकों को कोच की शैक्षणिक और कोचिंग गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए। बिना गुणवत्ता वाले एकेडमी और कोच खिलाड़ियों के समय और कॅरिअर बर्बाद कर देते हैं। उक्त बातें काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रो. दीपक डोगरा ने बुधवार को बातचीत के दौरान कहीं।
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उन्होंने बताया कि खेलों का चयन करने से पहले ओलंपिक की वेबसाइट पर जाकर पंजीकृत खेलों की सूची देखनी चाहिए। इसके बाद मान्यता प्राप्त खेलों का प्रशिक्षण देने वाली एकडमियों में बच्चों का दाखिला कराना चाहिए।
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क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी विमला सिंह ने बताया कि अभिभावकों को खेल विभाग से भी यह जानकारी लेनी चाहिए की एकेडमी और कोच खेल विभाग में पंजीकृत है या नहीं। गैर पंजीकृत कोच और एकेडमी खिलाड़ी का भविष्य खराब कर सकती है।
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20 मई के बाद अधिकांश स्कूलों और कॉलेजों में ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होते ही शहर में खेल एकेडमियां बढ़ जाती हैं। सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े दावे और आकर्षक प्रचार करतीं है लेकिन सच्चाई अलग होती है।
अंतरराष्ट्रीय एथलीट गुलाब चंद ने बताया कि आज न तो खिलाड़ियों को एकेडमी की सही परिभाषा पता है और न ही कई संचालकों को इसकी बुनियादी समझ है। अभिभावकों को सलाह दी कि वे अपने बच्चों का नामांकन कराने से पहले क्षेत्रीय खेल कार्यालय, सिगरा से जानकारी ले लें।