रील: सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने की आदत पहुंचा रही जेल, मंदिर में दर्शन से हर्ष फायरिंग तक; जानें मामले
सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने की चाहत युवाओं को जेल तक पहुंचा रही है। मंदिर में दर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो से लेकर हर्ष फायरिंग के वीडियो तक, सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री पुलिस के लिए कार्रवाई का आधार बन रही है। पुलिस वायरल वीडियो की निगरानी कर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
विस्तार
काशी में सोशल मीडिया और रील का क्रेज तेजी से बढ़ा है। गंगा घाट, मंदिर, बाजार और सार्वजनिक स्थान युवाओं के लिए कंटेंट बनाने की पसंदीदा जगह बन गए हैं। लेकिन वायरल होने की चाहत में बनाए गए कुछ वीडियो विवाद का कारण भी बने।
कई मामलों में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस तक मामला पहुंचा और प्राथमिकी की कार्रवाई हुई। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मॉडल का नाम वाराणसी में कई बार विवादों से जुड़ा। 2022 में उनके पोस्टर को लेकर शहर में विवाद हुआ था।
वैष्णवी : विवाद के बाद कैंपस में मारपीट
मई 2026 में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वैष्णवी के साथ काशी विद्यापीठ परिसर में मारपीट का मामला सामने आया। मामले में उनकी शिकायत पर सिगरा पुलिस ने दो छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया। विवाद सोशल मीडिया पर कथित ट्रोलिंग और बॉडी-शेमिंग से जुड़ा था।
‘रिवॉल्वर रानी’ : शादी में फायरिंग की
दिसंबर 2025 में सारनाथ में शादी के दौरान एक महिला के पिस्टल से हवाई फायरिंग का वीडियो वायरल हुआ। पुलिस ने पहचान पांडेयपुर निवासी सोनाली के रूप में की। उस पर और अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने हथियार के लाइसेंस और घटना में इस्तेमाल की जांच की।
एल्विश : विश्वनाथ मंदिर में फोटो विवाद
मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव भी वाराणसी में सोशल मीडिया से जुड़े विवाद में सामने आ चुके हैं। 2024 में काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन में फोटो खींचने को लेकर उनके खिलाफ शिकायत और जांच की बात सामने आई थी। इस मामले ने भी काफी तूल पकड़ा था।
मणिकर्णिका घाट : एआई वीडियो विवाद
जनवरी 2026 में मणिकर्णिका घाट से जुड़ा एक कथित एआई वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में धार्मिक स्थल और मूर्तियों को बुलडोजर से हटाए जाने का दावा किया गया था। प्रशासन ने कहा मूर्तियां सुरक्षित हैं। पुलिस ने वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।