तीसरी लहर: वाराणसी में स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां नाकाफी, कोविड मरीज बढ़े तो हो सकती है परेशानी
ओमिक्रॉन की आहट औऱ कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर वाराणसी के अस्पतालों में जिस तरह की तैयारी दिखनी चाहिए, वह दूर-दूर तक नहीं है। अमर उजाला की पड़ताल में बुधवार को अस्पतालों के कोविड वार्ड में ताला लटका मिला।
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जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर बीएचयू अस्पताल, ट्रामा सेंटर, दीनदयाल अस्पताल, आयुर्वेद कॉलेज चौकाघाट, ईएसआई अस्पताल, मंडलीय अस्पताल, शास्त्री अस्पताल रामनगर, रेलवे अस्पताल, बरेका अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाया गया है।
अगर सरकारी अस्पतालों की बात करें तो कुल 1050 बेड हैं। कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से बेड, जांच, इलाज की व्यवस्थाओं के साथ ही चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाती है। जिले में धीरे-धीरे कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन इससे निपटने की तैयारियां अभी अधूरी हैं।
सबसे खराब हालत डीआरडीओ अस्पताल की
दीनदयाल अस्पताल, आयुर्वेद कॉलेज चौकाघाट कोविड वार्ड को देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे लंबे समय से इसका ताला खुला ही नहीं है। कुछ इसी तरह की स्थिति स्वास्थ्य केंद्रों पर है। ऐसे में अगर कोरोना के मामले बढ़ते हैं और लोगों को अस्पताल ले जाने की जरूरत होती है तो आधी अधूरी तैयारियाें के बीच इलाज में परेशानी हो सकती हैं। सबसे खराब हालत बीएचयू परिसर में बने डीआरडीओ अस्पताल की है। पिछले तीन चार महीने से गेट के साथ ही सभी वार्ड बंद पड़े हैं।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीन बार मॉक ड्रिल भी की जा चुकी है। कोविड अस्पतालों में बने वार्डों में नए सिरे से तैयारियां कराई जा रही है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को हर संभव बेहतर इलाज मिलेगा।
एक नजर में कोविड अस्पताल और बेड
- डीआरडीओ अस्पताल- 250
- बरेका अस्पताल- 40
- दीनदयाल अस्पताल - 180
- ईएसआई अस्पताल - 40
- रामनगर अस्पताल - 20
- बीएचयू अस्पताल - 310
- बीएचयू ट्रामा सेंटर - 95
- होमी भाभा कैंसर अस्पताल - 98
यात्रियों की लापरवाही पड़ सकती है भारी
कैंट रेलवे स्टेशन और रोडवेज में उमड़ने वाली भीड़ से शहर में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। रेलवे स्टेशन पर देश के अन्य हिस्सों से आने वाले यात्री बिना जांच के बेधड़क शहर में प्रवेश कर रहे हैं। वहीं, रोडवेज पर कोरोना जांच के लिए बनाया गया केंद्र बुधवार को बंद रहा। दोनों जगहों पर कोई भी यात्री सामाजिक दूरी व मास्क का पालन नहीं कर रहा है। प्रशासन द्वारा रोकटोक भी बंद है।
देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में फिर एक बार इजाफा होता दिखाई दे रहा है। कई प्रदेशों में लोग तेजी से ओमिक्रॉन की चपेट में आ रहे हैं। बावजूद संक्रमण को नजर अंदाज किया जा रहा है। कैंट रेलवे स्टेशन और रोडवेज को मिलाकर रोजाना एक से डेढ़ लाख यात्री शहर में प्रवेश कर रहे हैं। दोनों स्थानों पर जांच केंद्र बनाया गया है, लेकिन ठीक से इसका प्रयोग नहीं हो रहा है। साथ ही यात्री दोनों डोज लगवाने का हवाला देकर जांच से पल्ला झाड़ रहे हैं।