रविदास जयंती 2022: आज जालंधर से काशी रवाना होंगे संत निरंजन दास, बेगमपुरा में पांच लाख श्रद्धालुओं का होगा लंगर
संत रविदास की नगरी काशी में सीरगोवर्द्धन अब मिनी पंजाब नजर आ रही है। डेरा सचखंड बल्लां जालंधर से आने वाले श्रद्धालुओं का जहां इंतजार जारी है वहीं अन्य स्थानों से आए आस्थावानों से गुरु की नगरी गुलजार हो चुकी है।
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श्रमसाधक संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी के सीरगोवर्द्धनपुर में भारत की विविधताओं के रंग बिखरने लगे हैं। संत के सपनों के गांव बेगमपुरा में पांच लाख श्रद्धालुओं के लिए लंगर तैयार किया जाएगा। जालंधर से रविदासिया धर्म के प्रमुख डेरा सच्चखंड बल्लां के गद्दीनशीन संत निरंजन दास संतों की टोली व रैदासियों के जत्थे के साथ रविवार को स्पेशल ट्रेन से काशी के लिए रवाना होंगे।
रविदास मंदिर ट्रस्ट के महासचिव सतपाल विरदी ने बताया कि श्रद्धालु अपने गुरु को पुष्पवर्षा के साथ रविदास की जन्मस्थली के लिए रवाना करेंगे। यह ट्रेन 14 फरवरी की शाम को वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंचेगी। स्टेशन से मंदिर जाने के लिए बस और चार पहिया वाहनों की व्यवस्था की गई है।
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श्री गुरु रविदास मंदिर रविदासघाट राजघाट में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती की तैयारियां तेज हो गई हैं। रविदास मंदिर में रंग-रोगन के साथ ही साफ-सफाई करा दी गई है।
ढाई हजार से अधिक सेवादार लगे हैं सेवा में
पंडाल के पास बने तीन लंगर हॉल की शुरुआत हो गई है और शाम को श्रद्धालुओं की पंगत भी सजी। वहीं मेला क्षेत्र में सुबह और शाम अमृतवाणी का पाठ भी जारी है। मंदिर के ट्रस्टी के एल सरोआ ने बताया कि मेला क्षेत्र में पांच लाख लोगों के भोजन का इंतजाम किया गया है। लंगर और रसोई के लिए ढाई हजार से ज्यादा सेवादार निरंतर सेवा में लगे हुए हैं।