Ravidas Jayanti 2022: देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर किया दान,किसी ने दी अंगूठी तो किसी ने कान की बाली
गुप्त दान करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा रही। रविदासिया समुदाय के उपाध्यक्ष संत मनदीप दास ने मंच से जैसे ही चलो बनारस साधु संगत जी एक इतिहास रचाना है, गुरु रविदास के मंदिर को सोने से मढ़ाना है का आह्वान किया तो दानदाताओं ने दान देना शुरू कर दिया।
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संत शिरोमणि गुरु रविदास की 645वीं जयंती पर बुधवार को गुरुपीठ सीरगोवर्धन में मंदिर से लेकर पंडाल तक गुरु के गान, महिमा बखान करते अनुयायी गुरु दर्शन की प्रतीक्षा में लीन रहे। रात से ही मंदिर में संत रविदास के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की एक किलोमीटर से ज्यादा लंबी कतार लग गई।
जयंती के अवसर पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर दान किया। गुप्त दान करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा रही। रविदासिया समुदाय के उपाध्यक्ष संत मनदीप दास ने मंच से जैसे ही चलो बनारस साधु संगत जी एक इतिहास रचाना है, गुरु रविदास के मंदिर को सोने से मढ़ाना है का आह्वान किया तो दानदाताओं ने दान देना शुरू कर दिया।
सत्संग हाल में किसी ने कान की बाली तो किसी ने अंगूठी दान की। रविदासिया संगठन यूरोप की तरफ से तीन लाख का चेक मिला। जोगेंद्र पाल ने एक लाख का चेक, रामपाल प्रधान ने 25 हजार, गुरुनाम सुमन ने 25 हजार, परमिंदर कुमार ने 25 हजार का चेक दान किया।
डेढ़ लाख से अधिक भक्तों ने टेका गुरु चरणों में मत्था
खिलौने, परिधानों, चाट-पकौड़ों, सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर जहां पंजाबी, राजस्थानी, मराठी महिलाओं, युवतियों, बच्चों और पुरुषों की भीड़ लगी रही तो वहीं सड़कों से लेकर छतों तक लोग मेले की रंगत निहारने के लिए खड़े रहे। सांझ ढलते ही रविदास मंदिर रोशनी से जगमग हो उठा इससे सीर की हर गलियां आकर्षक नजर आ रही थीं।
ध्वजारोहण पर बरसे फूल, नगवां में हुआ माल्यार्पण
संत रविदास जन्मस्थली सीरगोवर्धन में जयंती के दिन धर्म प्रमुख संत निरंजन दास ने प्रतिनिधि के रुप में संत मनदीप दास को भेजकर सुबह सात बजे नगवां स्थित रविदास पार्क में संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कराया। इसके बाद मंदिर में रविदासिया धर्म के 120 फीट ऊंचा हरि निशान का ध्वज को भक्तों के साथ भजन कीर्तन करते हुए फहराया गया।