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Rathyatra 2023: डोली पर सवार होकर मनफेर के लिए गलियों में निकलेंगे नाथों के नाथ, कल से भक्तों के लिए खुलेगा पट

Sat, 17 Jun 2023 02:08 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 17 Jun 2023 02:08 PM IST
सार

Rathyatra 2023:काशी के लक्खा मेलों में शुमार रथयात्रा का मेला 20 जून से 22 जून तक लगेगा। भगवान जगन्नाथ आषाढ़ कृष्णपक्ष अमावस्या यानी 18 जून से भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर के कपाट भी आम श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे।

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Rathyatra 2023 in Varanasi lord Jagannath will healthy temple will open for devotees from tomorrow
वाराणसी में रथयात्रा मेला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ डोली पर सवार होकर मनफेर के लिए काशी की गलियों में भ्रमण के लिए निकलेंगे। भक्तों के प्रेम में सहस्त्रधारा स्नान के बाद बीमार होकर भगवान जगन्नाथ अभी आराम कर रहे हैं। कल यानि 18 जून से भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। भगवान जगन्नाथ की डोली यात्रा 18 जून को निकलेगी और 20 जून से रथयात्रा का मेला आरंभ हो जाएगा।

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काशी के लक्खा मेलों में शुमार रथयात्रा का मेला 20 जून से 22 जून तक लगेगा। भगवान जगन्नाथ आषाढ़ कृष्णपक्ष अमावस्या यानी 18 जून से भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर के कपाट भी आम श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा 19 जून को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा डोली पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे।

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इन मार्गों से गुजरेगी  डोली यात्रा

डोली श्रृंगार के बाद भगवान के विग्रह को डोली में विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद डोली यात्रा जगन्नाथ मंदिर अस्सी चौराहे से दुर्गाकुंड, नवाबगंज, रामंदिर, कश्मीरीगंज, खोजवां, शंकुलधारा, बैजनत्था, कमच्छा से पंडित बेनीरामबाग पहुंचेगी।

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शाम को रथयात्रा के सामने प्रभु के रथ की पूजा एवं आरती होगी। इसके बाद पं. बेनीरामबाग से श्री पंचमुखी हनुमानजी की पूजा और आरती के बाद रथ निराला निवेश के लिए प्रस्थान करेगा। मध्य रात्रि के बाद ठाकुरजी के विग्रह को रथ पर विराजमान कराया जाएगा और श्रृंगार होगा।

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया 20 जून को आरती के साथ भगवान का दर्शन पूजन आरंभ हो जाएगा। प्रात: नौ बजे छौंका, मूंग चना, पेड़ा, गुड़ व देसी चीनी के शर्बत का भोग लगाया जाएगा। अपराह्न 12 बजे भोग व आरती के पश्चात पट बंद होंगे। अपराह्न में आरती के साथ दर्शन आरंभ होंगे। मध्यरात्रि में आरती के बाद पट बंद हो जाएंगे।

21 और 22 जून को भी दर्शन, पूजन और आरती का सिलसिला चलेगा। 22 जून की मध्यरात्रि के बाद पंट बंद हो जाएगा और कार से भगवान के विग्रह को अस्सी स्थित मंदिर पहुंचाया जाएगा। 23 जून से मंदिर में भगवान को सिंहासन पर विराजमान कराने के बाद आरती के साथ ही दर्शन भी आरंभ हो जाएंगे। वहीं रथ को शहीद उद्यान स्थित रथशाला में पहुंचाया जाएगा।

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