वाराणसी: रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने पुलिस संग किया फ्लैग मार्च, भौगोलिक स्थिति के साथ जुटाई खुफिया जानकारी
वाराणसी में सीआरपीएफ शाखा के रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 91-बी बटालियन के जवानों ने वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ फ्लैग मार्च निकाला।
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भविष्य में कोई दंगा या विपरित परिस्थिति होने की स्थिति में तथा उससे निपटने के लिए गुरुवार को सीआरपीएफ शाखा के रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 91-बी बटालियन के जवानों ने वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ फ्लैग मार्च निकाला। यहां आरएएफ के अधिकारियों ने फ्लैग मार्च के दौरान इलाके की भौगोलिक स्थिति का जायजा लेते हुए क्षेत्र के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की।
आरएएफ टुकड़ी की अध्यक्षता उपकमांडेंट रामप्रकाश यादव ने की। इस मौके पर आरएएफ इंस्पेक्टर भरत सिंह, आरएएफ के उपनिरीक्षक सहरूम खा, रामनवल यादव, वीरेन्द्र उपाध्याय, आरएएफ के सहायक उपनिरीक्षक शंभूनाथ सिंह, राजेश कुमार, शिवपुर क्राइम इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार मिश्रा एवं शिवपुर क्षेत्र के दर्जनों उपनिरीक्षक मौजूद रहे।
इस दौरान आरएएफ के अधिकारियों ने यहां स्थानीय पुलिस के अधिकारियों के साथ क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, प्रमुख इमारतों तथा बार्डर एरिया, जनसंख्या तथा क्राइम रेट और दंगा बाहुल्य क्षेत्रों की स्थिति का अति गहनता के साथ चर्चा की। समस्त क्षेत्रों की खुफिया जानकारी हासिल की और रेलवे क्रॉसिंग शिवपुर से गिलट बाजार तक होते हुए चांदमारी इलाके में फ्लैग मार्च किया।
आरएफ के उपकमांडेंट रामप्रकाश यादव बताया कि इस बल का कार्य दंगा सदृश्य परिस्थितियों के उत्पन्न होने की स्थिति में शीघ्र अति शीघ्र पहुंचकर परिस्थितियों को नियंत्रित करना तथा सामान्य शांति कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने में स्थानीय प्रशासन को सहयोग प्रदान करना है। प्रत्येक जनपद में संप्रदायिक दंगा एवम दंगा सत्र स्थिति में प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक सूचना संकलित करने के लिए परिचित करण अभ्यास करने के लिए निर्देशित किया गया है।
उपकमांडेंट ने आगे कहा कि हम अपने जवानों के माध्यम से खुफिया तंत्र के माध्यम से वाराणसी के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के समस्थ थानाक्षेत्रों में अपना जाल बिछाकर समाज विरोधी कार्यो में लिप्त लोगों पर पैनी नजर रख उनकी बराबर निगरानी करते हैं। जब भी दंगा होने की स्थिति दिखाई देती है तो हम उन्हें सबसे पहले गिरफ्तार करते हैं।