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रंगभरी एकादशी: श्रीकृष्ण जन्मस्थली से आया उपहार श्रीकाशी विश्वनाथ को किया गया भेंट, बाबा-गौरा को लगाई गई हल्दी
Mon, 10 Mar 2025 01:47 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 10 Mar 2025 01:47 PM IST
सार
रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ धाम में श्रीकृष्ण जन्मस्थली से आया उपहार भेंट किया गया। बाबा और गौरा को हल्दी लगाई गई। साथ ही गुलाल अर्पित किया गया।
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रंगभरी एकादशी
- फोटो : मंदिर प्रशासन
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विस्तार
श्री काशी विश्वनाथ धाम में रंगभरी एकादशी का उत्सव और उल्लास कण-कण में नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं ने बाबा और गौरा को हल्दी लगाकर गुलाल अर्पित किया। रविवार को मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने भी बाबा को हल्दी अर्पित की। फूलों से सजी पालकी में बाबा और गौरा की चल रजत प्रतिमा को धाम में भ्रमण कराया गया। सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने भावांजलि अर्पित की।
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रविवार को रंगभरी एकादशी के दूसरे दिन सुबह से ही धाम में उत्सव का उल्लास शुरू हो गया। धाम में पधारे श्रद्धालु और विशिष्ट अतिथि श्री काशी विश्वनाथ व माता गौरा की हल्दी उत्सव में भक्तिभाव से शामिल हुए। श्री कृष्ण जन्मस्थली मथुरा से आया अबीर-गुलाल एवं उपहार सामग्री तथा सोनभद्र से धाम में पधारे वनवासी समाज के भक्तों ने राजकीय फूल पलाश से निर्मित हर्बल गुलाल को श्री काशी विश्वनाथ महादेव को विधि-विधान से अर्पित किया।
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मंदिर न्यास का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण एवं डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण ने श्री विश्वेश्वमहादेव का पूजन कर हर्बल गुलाल चढ़ाया। इसके पश्चात पालकी पर विराजमान श्री काशी विश्वनाथ महादेव और माता गौरा की चल रजत प्रतिमा प्रांगण में भ्रमण करते हुए मंदिर चौक पहुंची। चल रजत प्रतिमा के विराजमान होते ही भक्तों ने हल्दी, पुष्प, अबीर- गुलाल अर्पित कर मंगल गीत गए।
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रंगभरी एकादशी
- फोटो : मंदिर प्रशासन
मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने धाम में पहुंचकर श्री काशी विश्वनाथ महादेव एवं माता गौरा को हल्दी, गुलाल एवं पुष्प अर्पित कर मंगल कामना की। हल्दी उत्सव में विशेष रूप से श्री कृष्ण जन्मस्थली से श्री काशी विश्वनाथ महादेव के लिए उपहार सामग्री लेकर आए भक्त, सोनभद्र से आए वनवासी समाज के भक्त एवं प्रसिद्ध इतिहासकार व लेखक विक्रम संपत उपस्थित रहे।
रंगभरी एकादशी
- फोटो : मंदिर प्रशासन
डॉ. अर्चना म्हस्कर ने शास्त्रीय भजन की प्रस्तुति दी
शिवार्चन मंच पर कलाकारों ने अपने सुर-ताल से श्री काशी विश्वनाथ महादेव और माता गौरा को भावांजलि अर्पित की। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुति की शुरुआत गायिका दिव्या दुबे ने होली गीतों से किया। डॉ. अर्चना म्हस्कर ने शास्त्रीय भजन गायन की प्रस्तुति दी। इनके बाद डॉ. मधुमिता भट्टाचार्य के शास्त्रीय भजन संध्या की रही। चौथी प्रस्तुति डॉ. हरिप्रसाद पौड्याल के बांसुरी वादन की रही। पांचवीं प्रस्तुति जय कोकिल पांडेय ने भजन संध्या प्रस्तुत की। अंतिम प्रस्तुति डॉ. प्रियंबदा तिवारी के भरतनाट्यम की रही।
शिवार्चन मंच पर कलाकारों ने अपने सुर-ताल से श्री काशी विश्वनाथ महादेव और माता गौरा को भावांजलि अर्पित की। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुति की शुरुआत गायिका दिव्या दुबे ने होली गीतों से किया। डॉ. अर्चना म्हस्कर ने शास्त्रीय भजन गायन की प्रस्तुति दी। इनके बाद डॉ. मधुमिता भट्टाचार्य के शास्त्रीय भजन संध्या की रही। चौथी प्रस्तुति डॉ. हरिप्रसाद पौड्याल के बांसुरी वादन की रही। पांचवीं प्रस्तुति जय कोकिल पांडेय ने भजन संध्या प्रस्तुत की। अंतिम प्रस्तुति डॉ. प्रियंबदा तिवारी के भरतनाट्यम की रही।