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Ramnagar Ki Ramlila: धूमधाम से हुआ श्रीराम-जानकी का विवाह, लीला का आकर्षक मंचन देख भाव विभोर हुए श्रद्धालु

Wed, 14 Sep 2022 10:57 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 14 Sep 2022 10:57 PM IST
सार

रामनगर की रामलीला के छठे दिन अवधपुरी से बरात का प्रस्थान और जनकपुर में विवाह के प्रसंग का मंचन हुआ। 36वीं वाहिनी पीएसी के सामने जनकपुरी बसाई गई थी तो किला के सामने अयोध्यापुरी बसी थी। 

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Ramnagar Ki Ramlila sixth day  people become emotional after marriage of Shri Ram Janki
रामनगर की रामलीला का छठा दिन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राम-सीय सुंदर प्रतिछाहीं, जगमगात मनि खंभन माहीं। मनहुं मदन रति धरि बहु रूपा, देखत राम बिआहु अनूपा...। श्रीराम और सीताजी की सुंदर परिछाहीं मणियों के खंभे में जगमगा रही हैं। मानो कामदेव और रति बहुत से रूप धारण करके श्रीरामजी के अनुपम विवाह को देख रहे हैं। जैसे ही भगवान राम की जानकी हो गईं तो समस्त लोक, देव, गंधर्व, किन्नर और यक्ष प्रसन्नता से भर उठे। बुधवार शाम रामनगर की रामलीला के छठे दिन अवधपुरी से बरात का प्रस्थान और जनकपुर में विवाह के प्रसंग का मंचन हुआ।

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रामनगर में लीला स्थल 36वीं वाहिनी पीएसी के सामने जनकपुरी बसाई गई थी तो किला के सामने अयोध्यापुरी बसी थी। जनकपुर में बरात आगमन के पूर्व एक तरफ मंडप नगर हवेलियों के साथ बाजार भी सजाए गए थे। दूसरी तरफ अयोध्या में दशरथ का निमंत्रण सभी नगर वासियों को दिया गया था। अयोध्या वासियों में आग्रह किया गया था कि बरातियों को कोई असुविधा न हो।
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रामलीला के छठवें दिन राजा जनक के दूतों ने अयोध्या पहुंचकर राजा दशरथ को जनक जी का पत्र दिया तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। राम के विवाह की खबर सुनकर पूरी अयोध्या खुशी से झूम उठती है। राजा दशरथ भरत को बरात की तैयारी करने को कहते हैं। सभी बराती बनकर श्रीराम के विवाह के लिए चल पड़ते हैं।

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चारों ओर हर-हर महादेव का उद्घोष

बरात आने की खबर सुनकर राम और लक्ष्मण भी वहां पहुंच जाते हैं। जनवासे में सबसे भेंट मुलाकात करते हैं। ब्रह्मा जी लग्न विचार करके पत्रिका नारदजी से जनक के पास भिजवाते हैं। देवता पुष्प वर्षा करते हैं और तभी वहां शिव जी, पार्वती जी के साथ बैल पर सवार होकर डमरू बजाते हुए पहुंचे। चारों ओर हर-हर महादेव के उद्घोष से वातावरण शिवमय हो जाता है।
पढ़ें: सदियों पुरानी परंपरा पर भारी पड़ा कीचड़ का पानी, रामनगर रामलीला में बदला गया ताड़का वध का लीला स्थान
 

Ramnagar Ki Ramlila sixth day  people become emotional after marriage of Shri Ram Janki
रामनगर की रामलीला का छठा दिन - फोटो : अमर उजाला

भगवान शिव ने सीता राम के विवाह को जगत के लिए कल्याणकारी बताया। देवता श्री राम की जय-जयकार करने लगे। मंडप में सभी अपने आसन पर बैठते हैं। विवाह आरंभ हुआ, शंखोच्चार के बाद कन्यादान व सिंदूरदान पूर्ण हुआ। वशिष्ठ की आज्ञा से मांडवी, उर्मिला एवं श्रुतिकीर्ति का भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के साथ विवाह हुआ।

दशरथ बहुओं सहित पुत्रों को देखकर बड़े प्रसन्न होते हैं। राजा जनक दशरथ से कहते हैं कि हम सब प्रकार से संतुष्ट हैं। सखियां दूल्हा दुल्हन को कोहबर में ले जाती हैं और वहां राम की आरती उतारती हैं। अंत में वर को जनवासे में भेज दिया जाता है। देवता लोग जय जयकार करते हैं जनकपुर में विवाह के बाद लीला को विराम दिया गया।

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