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रामनगर की रामलीला: माता जानकी की तलाश में जुट गई वानर सेना, सीता की खबर न पाकर क्रोधित हुए राम
Tue, 27 Sep 2022 05:39 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Tue, 27 Sep 2022 05:39 PM IST
सार
सोमवार को रामनगर की रामलीला में बालि वध, सुग्रीव-राजतिलक, अंगद को युवराज पद, वर्षा वर्णन तथा माता जानकी की खोज में बंदरों के रवाना होने की लीला हुई। राम ने बालि को मारकर अपनी मित्रता निभाई और सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बना दिया।
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रामनगर की रामलीला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
धर्म हेतु अवतरेहु गोसाईं, मारेहु मोहि ब्याध की नाईं। मैं बैरी सुग्रीव पिआरा, अवगुन कवन नाथ मोहि मारा। हे गोसाईं। आपने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लिया है और मुझे ब्याध की तरह (छिपकर) मारा। मैं बैरी और सुग्रीव प्यारा। हे नाथ! किस दोष से आपने मुझे मारा। भगवान राम कहते हैं हे मूर्ख! सुन, छोटे भाई की स्त्री, बहिन, पुत्र की स्त्री और कन्या, ये चारों समान हैं। इनको जो कोई बुरी दृष्टि से देखता है, उसे मारने में कुछ भी पाप नहीं होता।
सोमवार को रामनगर की रामलीला में बालि वध, सुग्रीव-राजतिलक, अंगद को युवराज पद, वर्षा वर्णन तथा माता जानकी की खोज में बंदरों के रवाना होने की लीला हुई। राम ने बालि को मारकर अपनी मित्रता निभाई और सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बना दिया। सीता की कोई खबर न पाकर राम क्रोधित हो गए और कहने लगे कि सुग्रीव राज पाकर हमें भूल गया है।
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सोमवार को रामनगर की रामलीला में बालि वध, सुग्रीव-राजतिलक, अंगद को युवराज पद, वर्षा वर्णन तथा माता जानकी की खोज में बंदरों के रवाना होने की लीला हुई। राम ने बालि को मारकर अपनी मित्रता निभाई और सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बना दिया। सीता की कोई खबर न पाकर राम क्रोधित हो गए और कहने लगे कि सुग्रीव राज पाकर हमें भूल गया है।
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लक्ष्मण के क्रोध के बाद सुग्रीव सारे वानरों को सीता की खोज में भेजते हैं। वह राम के पास जाकर अपनी गलती के लिए क्षमा मांगते हैं। हनुमान को राम अपनी अंगूठी देकर सीता का संदेश लेकर जल्दी लौटने को कहते हैं। सभी दक्षिण दिशा में समुद्र के किनारे पहुंचे, वहां जटायु का भाई संपाती मिला। उसने सौ जोजन देखकर बताया कि सीता लंका में अशोक वाटिका में बैठी हैं। जामवंत हनुमान को उनका बल याद दिलाते हुए समुद्र पार करने का उपाय बताते हैं। इसके बाद भगवान की आरती के साथ लीला को विराम दिया गया।
शबरी के आश्रम पहुंचे श्रीराम
चिरईगांव। जाल्हूपुर के टूड़ीनगर की प्राचीन रामलीला में सोमवार को प्रभु राम सीता जी के खोज में लक्ष्मण के साथ वन-वन ढूंढते फिरते हैं। घायल जटायु ने बताया कि माता सीता को रावण दक्षिण दिशा की ओर ले गया है। प्रभु राम शबरी के आश्रम पहुंचे और जूठे बेर खाए। इसके बाद पंपासर पर्यटन के दौरान हनुमान और सुग्रीव से मित्रता होती है।
नियार में धूमधाम से निकाली गई राम बरात
दानगंज। चोलापुर थाना क्षेत्र के नियार में राम बरात सोमवार की शाम धूमधाम से निकाली गई। बरात हनुमान मंदिर पर पहुंची इसके बाद मध्य बाजार आने के बाद जनकपुर में राम और सीता का स्वयंवर धूमधाम से आयोजित किया गया।
शबरी के आश्रम पहुंचे श्रीराम
चिरईगांव। जाल्हूपुर के टूड़ीनगर की प्राचीन रामलीला में सोमवार को प्रभु राम सीता जी के खोज में लक्ष्मण के साथ वन-वन ढूंढते फिरते हैं। घायल जटायु ने बताया कि माता सीता को रावण दक्षिण दिशा की ओर ले गया है। प्रभु राम शबरी के आश्रम पहुंचे और जूठे बेर खाए। इसके बाद पंपासर पर्यटन के दौरान हनुमान और सुग्रीव से मित्रता होती है।
नियार में धूमधाम से निकाली गई राम बरात
दानगंज। चोलापुर थाना क्षेत्र के नियार में राम बरात सोमवार की शाम धूमधाम से निकाली गई। बरात हनुमान मंदिर पर पहुंची इसके बाद मध्य बाजार आने के बाद जनकपुर में राम और सीता का स्वयंवर धूमधाम से आयोजित किया गया।