लोकसभा चुनाव 2019 : रमेश चंद्र बिंद को बसपा ने निकाला, भाजपा ने संभाला, इस सीट से लड़ सकते हैं चुनाव
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लोकसभा चुनाव 2019 के पहले 27 मार्च का दिन राजनीतिक उथल-पुथल से भरा रहा। जहां एक तरफ बसपा से निष्कासित होने के बाद मिर्जापुर के पूर्व विधायक रमेश चंद्र बिंद ने भाजपा का साथ पकड़ लिया। वहीं, दूसरी तरफ बलिया में भाजपा के प्रत्याशी घोषित किए गए भदोही के सांसद वीरेंद्र सिंह 'मस्त' का बलिया में जमकर विरोध हुआ।
बसपा के दिग्गज नेता और मिर्ज़ापुर की मझवां विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे रमेश चंद्र बिंद को बसपा सुप्रीमो मायावती ने 20 मार्च को पार्टी से निकाल दिया था। रमेश चंद्र बिंद पर आरोप था कि वे पार्टी विरोधी गतिविधियां और अनुशासनहीनता कर रहे थें। जिसके चलते बसपा ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
रमेश चंद्र बिंद मिर्ज़ापुर की मझवां विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे हैं और इस बार लोकसभा सीट के लिए भी दावेदार थे। लेकिन मिर्जापुर की सीट सपा के खाते में जाने के कारण उनकी दावेदारी धराशायी हो गई। इसके बाद रमेश ने बागी रुख अपना लिया और पार्टी से बाहर निकाले जाने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया है।
बगावत का कारण यह भी था कि मिर्जापुर रमेश चंद्र बिंद का गृह जनपद भी है। रमेश चंद्र बिंद नगर ब्लाक के इटवां गांव के निवासी है। अपने गृह जनपद में तैयार जमीन पर जब चुनाव लड़ने को नहीं मिला तो उन्होंने इसका विरोध किया था।
रमेश चंद्र बिंद ने लखनऊ में बुधवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रमेश चंद्र बिंद को भाजपा भदोही की सीट दे सकती है। इसका कारण यह भी है कि रमेश चंद्र बिंद भदोही के लिए उपयुक्त दावेदार है।
बता दें कि 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में रमेश चंद्र बिंद की पत्नी समुद्रा बिंद बहुजन समाज पार्टी की तरफ से चुनावी मैदान में उतरी थीं। इस बार भी सपा-बसपा गठबंधन में रमेश चंद्र बिंद या उनकी पत्नी को लोकसभा चुनाव का टिकट मिलने की चर्चा जोरों पर थी।