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प्रमाणिकता के साथ विद्यार्थी आगे बढ़ेंगे तो सफलता मिलेगी: राम नाईक
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
Updated Tue, 06 Nov 2018 01:01 AM IST
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राज्यपाल राम नाईक
- फोटो : amar ujala
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जौनपुर में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर पर राज्यपाल राम नाईक ने संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों को अपनी प्रमाणिकता साबित करने की जरूरत है। किसी भी क्षेत्र में जब छात्र प्रमाणिकता के साथ उतरेंगे तो उन्हें सफलता जरूर मिलेगी।
उन्होंने कहा कि उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों को हर क्षेत्र में जागरूक रहने की जरूरत है। अब आप के पंखों में ताकत आ गई है। आकाश में उड़ान के दौरान काफी प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा। दीक्षांत में शपथ लेना सरल है लेकिन उसे निभाना कठिन है। इसे निभाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति का होना बहुत जरूरी है।
अपने को अपडेट रखें तो उपलब्धियां आपके चरण चूमेगी। उन्होंने प्रदेश में उच्च शिक्षा का विश्लेषण करते हुए कहा कि प्रदेश के विवि में गोल्ड मेडल और उपाधि पाने वालों में 51 फीसदी छात्राएं हैं जोकि महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है।
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वर्ष 2000 में सर्व शिक्षा अभियान की बुनियाद अटल बिहारी वाजपेई ने रखी थी। आज मोदी सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को बढ़ावा दिया। जिसका असर अब देखने को मिल रहा है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दो चीजें हटकर देखने को को मिलती है। पहला खेल के क्षेत्र में और दूसरा केंपस प्लेसमेंट जो सराहनीय पहल है।
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उन्होंने कहा कि उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों को हर क्षेत्र में जागरूक रहने की जरूरत है। अब आप के पंखों में ताकत आ गई है। आकाश में उड़ान के दौरान काफी प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा। दीक्षांत में शपथ लेना सरल है लेकिन उसे निभाना कठिन है। इसे निभाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति का होना बहुत जरूरी है।
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अपने को अपडेट रखें तो उपलब्धियां आपके चरण चूमेगी। उन्होंने प्रदेश में उच्च शिक्षा का विश्लेषण करते हुए कहा कि प्रदेश के विवि में गोल्ड मेडल और उपाधि पाने वालों में 51 फीसदी छात्राएं हैं जोकि महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है।
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वर्ष 2000 में सर्व शिक्षा अभियान की बुनियाद अटल बिहारी वाजपेई ने रखी थी। आज मोदी सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को बढ़ावा दिया। जिसका असर अब देखने को मिल रहा है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दो चीजें हटकर देखने को को मिलती है। पहला खेल के क्षेत्र में और दूसरा केंपस प्लेसमेंट जो सराहनीय पहल है।
अतिथियों ने बताए विद्यार्थियों को दिखाई राह
पूर्वांचल विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह
- फोटो : amar ujala
समारोह में मुख्य अतिथि शान्ति स्वरूप भटनागर’ पुरस्कार से विभूषित राष्ट्रीय भौतिकीय प्रयोगशाला के पूर्व निदेशक प्रो. विक्रम कुमार ने कहा कि आज का दिन विद्यार्थियों का दिन है। उनके कठिन परिश्रम और परिणाम का दिन है। मुझे ऐसे ही युवाओं से मिलने और संवाद करने में खुशी का एहसास हो रहा है। आर्थिक परिवर्तन ने समाज में एक बड़ा संरचनात्मक परिवर्तन किया है।
जिससे लोगों के जीवन स्तर में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि हमें और भी वैज्ञानिक अनुसंधान की आवश्यकता है। क्योंकि हमें वैश्विक स्तर पर कई मुद्दों का सामना करना पड़ता है जो कि मौलिक रूप से वैज्ञानिक है। वह चाहे जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संशोधन, खाद उत्पादन आतंकवाद से लेकर स्वास्थ्य गरीबी, भूख जैसी पारंपरिक समस्या क्यों न हो।
देश में स्वरोजगार उद्यमिता एवं स्टार्टअप की असीम संभावना है। हमारे स्नातकों की पूरी दुनियां में मांग है। हमने अपने ज्ञान और कौशल के साथ दुनिया की मदद करके एक बड़ा व्यवसाय किया है। उन्होंने उपाधिधारकों को ईमानदारी के साथ कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।
प्रो. उदय प्रताप सिंह ने कहा की अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फोरम में अमेरिका के खिलाफ लड़ाई लड़कर हमने नीम का पेटेंट वापस कराया। इस पर मेरा चार रिसर्च पेपर प्रकाशित था। जिस कारण यह वापस हुआ था। हालांकि इस काम में महत्वपूर्ण भूमिका दिल्ली की स्वयंसेवी संस्था वंदना शिवा ने निभाई।
कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि हमारा प्रयास है कि विश्वविद्यालय प्रदेश ही नहीं, देश के समस्त विश्वविद्यालयों की पंक्ति में सच्चे अर्थों में प्रमुख स्थान प्राप्त करे। हमारे छात्रों के महत्वपूर्ण अनुसंधान ही विश्वविद्यालय को शीर्ष पटल पर रख देंगे।
जिससे लोगों के जीवन स्तर में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि हमें और भी वैज्ञानिक अनुसंधान की आवश्यकता है। क्योंकि हमें वैश्विक स्तर पर कई मुद्दों का सामना करना पड़ता है जो कि मौलिक रूप से वैज्ञानिक है। वह चाहे जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संशोधन, खाद उत्पादन आतंकवाद से लेकर स्वास्थ्य गरीबी, भूख जैसी पारंपरिक समस्या क्यों न हो।
देश में स्वरोजगार उद्यमिता एवं स्टार्टअप की असीम संभावना है। हमारे स्नातकों की पूरी दुनियां में मांग है। हमने अपने ज्ञान और कौशल के साथ दुनिया की मदद करके एक बड़ा व्यवसाय किया है। उन्होंने उपाधिधारकों को ईमानदारी के साथ कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।
प्रो. उदय प्रताप सिंह ने कहा की अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फोरम में अमेरिका के खिलाफ लड़ाई लड़कर हमने नीम का पेटेंट वापस कराया। इस पर मेरा चार रिसर्च पेपर प्रकाशित था। जिस कारण यह वापस हुआ था। हालांकि इस काम में महत्वपूर्ण भूमिका दिल्ली की स्वयंसेवी संस्था वंदना शिवा ने निभाई।
कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि हमारा प्रयास है कि विश्वविद्यालय प्रदेश ही नहीं, देश के समस्त विश्वविद्यालयों की पंक्ति में सच्चे अर्थों में प्रमुख स्थान प्राप्त करे। हमारे छात्रों के महत्वपूर्ण अनुसंधान ही विश्वविद्यालय को शीर्ष पटल पर रख देंगे।