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भगवान राम के लिए काशी से पांच चांदी के बिल्व पत्र और सवा पाव चंदन
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वाराणसी। अयोध्या से शुरू हुई भगवान श्रीराम की जय-जयकार काशी तक गूंज रही है। मंदिर के शिलान्यास से उत्साहित श्रीराम के आराध्य की नगरी से बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद के प्रतीक के रूप में पांच चांदी के बिल्व पत्र और सवा पाव चंदन भी अयोध्या जाएगा।
काशी विद्वत परिषद के मंत्री डॉ. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि श्रीराम मंदिर के शिलान्यास की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। काशी विद्वत परिषद की ओर से पांच चांदी के बिल्व पत्र और सवा पाव चंदन भेजा जाएगा। बिल्व पत्र और चंदन को बाबा विश्वनाथ का स्पर्श कराकर ले जाया जाएगा। चार अगस्त को काशी विद्वत परिषद के डॉ. रामनारायण द्विवेदी, प्रो. रामचंद्र पांडेय और प्रो. विनय पांडेय अयोध्या के लिए रवाना होंगे। पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम मंदिर का शिलान्यास करेंगे।
वहीं, गंगा सेवा निधि ने गंगा की मिट्टी भी अयोध्या ले जाने का प्रस्ताव रखा है। गंगा किनारे गंगा आरती कराने वाली इस संस्था ने गंगा से मिट्टी निकालकर उस पर श्रीराम लिखा और मंत्रोचार कर मिट्टी का पूजन किया। अब इस मिट्टी को काशी विद्वत परिषद को सौंपा जाएगा, ताकि इसे शिलान्यास के दौरान प्रयोग होने वाली मिट्टी में मिलाया जा सके। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय शनिवार को होगा।
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काशी विद्वत परिषद के मंत्री डॉ. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि श्रीराम मंदिर के शिलान्यास की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। काशी विद्वत परिषद की ओर से पांच चांदी के बिल्व पत्र और सवा पाव चंदन भेजा जाएगा। बिल्व पत्र और चंदन को बाबा विश्वनाथ का स्पर्श कराकर ले जाया जाएगा। चार अगस्त को काशी विद्वत परिषद के डॉ. रामनारायण द्विवेदी, प्रो. रामचंद्र पांडेय और प्रो. विनय पांडेय अयोध्या के लिए रवाना होंगे। पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम मंदिर का शिलान्यास करेंगे।
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वहीं, गंगा सेवा निधि ने गंगा की मिट्टी भी अयोध्या ले जाने का प्रस्ताव रखा है। गंगा किनारे गंगा आरती कराने वाली इस संस्था ने गंगा से मिट्टी निकालकर उस पर श्रीराम लिखा और मंत्रोचार कर मिट्टी का पूजन किया। अब इस मिट्टी को काशी विद्वत परिषद को सौंपा जाएगा, ताकि इसे शिलान्यास के दौरान प्रयोग होने वाली मिट्टी में मिलाया जा सके। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय शनिवार को होगा।
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