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Varanasi News : मैदागिन से निकली राम बरात, मणिकर्णिका बनी जनकपुरी, भक्तों ने बरसाए फूल; गूंजा जय-जय सियाराम

Fri, 25 Oct 2024 08:54 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 25 Oct 2024 08:54 AM IST
सार

Varanasi News : काशी नगरी में श्री मणिकर्णिका रामलीला समिति की राम बराम काफी प्रसिद्ध है। इस आयोजन में आसपास के जिलों से भी राम भक्त आते हैं और बरात के साक्षी बनते हैं। भक्तों ने फूलों की बारिश कर प्रभु श्रीराम का स्वागत किया। पूरी रात जय श्रीराम का उद्घोष होता रहा।

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Ram Barat started from varanasi Manikarnika became Janakpuri devotees showered flowers Jai Siyaram
मणिकर्णिका घाट की राम लीला में निकली बरात। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्री मणिकर्णिका रामलीला समिति की राम बरात धूमधाम से निकली। राजसी वैभव के साथ निकली बरात में भक्त बराती बने। श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर रास्ते भर बरात का स्वागत किया। भगवान राम के विवाह के लिए मैदागिन जहां अयोध्या में तब्दील हो गई, वहीं मणिकर्णिका को जनकपुरी का रूप दिया गया। 
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बीती रात में मैदागिन से भगवान राम की बरात बैंड-बाजे के साथ निकली। मैदागिन से कोतवाली बुलानाला, चौक के रास्ते बरात मणिकर्णिका घाट की तरफ बढ़ चली। रास्ते भर श्रद्धालु बरात के साथ नाचते गाते हुए चल रहे थे। एक तरफ भगवान श्रीराम का जयकारा तो दूसरी ओर हर-हर महादेव के जयघोष हुआ। मणिकर्णिका घाट पर बरात पहुंचने के बाद जनकजी ने बरातियों का स्वागत किया। 
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देर रात विवाह की रस्में निभाईं गईं। इसके बाद जनकपुरी से बरात अयोध्या के लिए विदा हुई। विदाई के साथ ही लीला को अगले दिन के लिए विराम दिया गया। इस दौरान अध्यक्ष सुशील कपूर, उपाध्यक्ष संतोष शर्मा, दिलीप यादव, प्रधानमंत्री विभूति नारायण सिंह, कोषाध्यक्ष सरित कुमार सिंह, विजय पांडेय, मनोज शर्मा, सदन तिवारी आदि मौजूद रहे।
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Ram Barat started from varanasi Manikarnika became Janakpuri devotees showered flowers Jai Siyaram
राम बरात में सजी झांकी। - फोटो : अमर उजाला

श्रीकृष्ण लीला का मुकुट पूजन, नागनथैया 5 को
अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास की ओर से श्रीकृष्ण लीला का शुभारंभ 29 अक्तूबर से तुलसी घाट पर होगा। इस लीला की औपचारिक शुरुआत मुकुट पूजन से हो गई। संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने विधिवत मुकुट पूजन कर आरती की। विश्वप्रसिद्ध नागनथैया लीला पांच नवंबर को होगी।

महंत जी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने कलिकाल में जीवों के उपकार के लिए भगवान श्रीकृष्ण की मनोरम लीलाएं मूर्तरूप में भक्तों को प्रदान की। लीला व्यास पं. श्याम बिहारी पांडेय ने बताया कि यह लीला 16 नवंबर तक चलेगी। श्रीकृष्ण लीला में नागनथैया लीला, रासलीला कंसवध, राज्याभिषेक व दशावतार की झांकी आदि लीलाएं होंगी। 

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