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Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर सात साल बाद नहीं लगेगा भद्रा, 29 साल बाद बन रहा खास योग

Thu, 31 Jul 2025 03:28 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 31 Jul 2025 03:28 PM IST
सार

Raksha Bandhan 2025: इस बार रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाई को पूरे दिन राखी बांध सकेंगी। सात साल बाद रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा नहीं लगेगा। वहीं 29 साल बाद समसप्तक योग बन रहा है। साथ ही विशिष्ट मुहूर्त और 10 फलदायी योग भी बन रहे हैं। 

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Raksha Bandhan 2025 special Muhurat and Samasaptak Yoga and 10 fruitful yogas being formed in kashi
रक्षा बंधन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भाई-बहनों के नेह के बंधन का त्योहार इस बार नौ अगस्त को मनाया लाएगा। इस साल का रक्षाबंधन कई मायनों में खास होगा। इस बार तमाम उत्तम संयोग बन रहे हैं। 29 साल बाद समसप्तक योग बन रहा है। सात साल बाद ऐसा हो रहा है कि रक्षाबंधन पर भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। बहनें दिन भर भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। इसके अलावा विशिष्ट मुहूर्त और 10 फलदायी योग भी बन रहे हैं।

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बीएचयू के प्रो. विनय कुमार पांडेय और आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार भद्रा का उदय सावन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी आठ अगस्त को 1:41 बजे से होगा जो कि रात 1:32 बजे तक रहेगा। जबकि पूर्णिमा तिथि आठ अगस्त को दिन में 1:42 से अगले दिन नौ अगस्त को दिन में 1:23 बजे तक रहेगी। ऐसे में रक्षाबंधन का पर्व उदया तिथि यानी नौ अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। 
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वहीं, कई साल बाद पंचक भी रक्षाबंधन पर बाधक नहीं बनेगा। रक्षाबंधन पर किसी भी मुहूर्त में पंचक का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वर्षों बाद ऐसा शुभ संयोग आया है जब रक्षाबंधन और श्रावणी उपाकर्म के दिन भद्रा और पंचक का प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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Raksha Bandhan 2025 special Muhurat and Samasaptak Yoga and 10 fruitful yogas being formed in kashi
Raksha Bandhan 2025 - फोटो : अमर उजाला

आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि मकर राशि के स्वामी शनि और सूर्य आपस में समसप्तक योग बना रहे हैं। 29 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि रक्षाबंधन पर शनि मीन और सूर्य कर्क राशि पर रहेंगे। इस पर्व पर आयुष्मान, स्थिर, सौभाग्य, बुधादित्य, हर्ष विपरीत राज, शकट, पाराशरी राज, विमल विपरीत राज और धन योग बन रहे हैं जो काफी फलदायी हैं।

शनि और मंगल होंगे आमन-सामने, होंगी बाधाएं दूर
शनि और मंगल के आमने-सामने आने से नौ पंचम योग बन रहे हैं। आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार रक्षाबंधन के पहले ही शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे। जबकि मंगल दो अगस्त को सिंह राशि छोड़कर कन्या राशि में जाएंगे। इस वजह से भाई-बहन के संबंध मधुर होंगे। उनके जीवन की बाधाएं दूर होंगी।

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राखी बांधने का ये है शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5.29 से 6.05 बजे तक, सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 6.06 से 8:20 बजे, विजय मुहूर्त सुबह 10:47 से मध्याह्न 11:58 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त मध्याह्न 11.59 से दोपहर 12.53 बजे तक रहेगा।

पांच चीजों से बनती है वैदिक राखी
रक्षाबंधन पर्व वैदिक विधि से मनाना श्रेष्ठ माना गया है। इसमें पांच वस्तुओं का विशेष महत्व है, जिनसे रक्षासूत्र का निर्माण होता है। इनमें दूर्वा (घास), अक्षत (चावल), केसर, चंदन और सरसों के दाने शामिल हैं। इन पांच वस्तुओं को रेशम के कपड़े में बांध दिया जाता है। इससे वैदिक राखी तैयार होती है।

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