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भारतवासियों को प्रवासियों से सीखने की जरूरतः राज्यवर्धन सिंह राठौर
Tue, 22 Jan 2019 10:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 22 Jan 2019 10:12 AM IST
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कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर
- फोटो : amar ujala
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युवा प्रवासी दिवस के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय युवा, खेल और सूचना प्रसारण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर (से.नि.) ने दुनिया भर में बसे प्रवासी भारतीयों को भारत का राजदूत करार दिया। उन्होंने कहा कि भारतवासियों को प्रवासियों से सीखने की जरूरत है।
हमारा प्रयास है कि हम आपकी भाषा व वेशभूषा का सम्मान करें। दुनिया भर में बसे प्रवासी भारतीयों के घरों में हिन्दी बोली जाती है और यहां की परंपरा, संस्कृति को संजोया गया है। यह सब हम सभी के लिए सीख है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा, युवा प्रवासी भारतीयों के पास स्वाभिमान और सम्मान की ताकत है। अपने काम से प्रवासियों ने विदेशी धरती पर मुकाम हासिल किया और पहचान बनाई। विदेशों में युवा प्रवासियों की संख्या बहुत है और वे भारत को याद रखते हैं।
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भारत को विदेशों में बसे युवाओं का साथ चाहिए। युवा अभिव्यक्ति की आजादी चाहता है, मगर इसके साथ ही उसकी जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यकर्ताओं का भी उदाहरण रखा। इसके साथ ही बतौर खिलाड़ी अपने विदेश प्रवास का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि भारत और पाकिस्तान की टीम एक साथ थी और परिचय के दौरान पाकिस्तान के लोगों ने अपना परिचय भारतीय के रूप में दिया। पूछने पर बोले, भारत के नाम पर लोगों के चेहरे पर खुशी थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, यह हमारी ताकत है और युवाओं के पास भारत जैसी ताकत से जुड़ने का मौका है।
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हमारा प्रयास है कि हम आपकी भाषा व वेशभूषा का सम्मान करें। दुनिया भर में बसे प्रवासी भारतीयों के घरों में हिन्दी बोली जाती है और यहां की परंपरा, संस्कृति को संजोया गया है। यह सब हम सभी के लिए सीख है।
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केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा, युवा प्रवासी भारतीयों के पास स्वाभिमान और सम्मान की ताकत है। अपने काम से प्रवासियों ने विदेशी धरती पर मुकाम हासिल किया और पहचान बनाई। विदेशों में युवा प्रवासियों की संख्या बहुत है और वे भारत को याद रखते हैं।
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भारत को विदेशों में बसे युवाओं का साथ चाहिए। युवा अभिव्यक्ति की आजादी चाहता है, मगर इसके साथ ही उसकी जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यकर्ताओं का भी उदाहरण रखा। इसके साथ ही बतौर खिलाड़ी अपने विदेश प्रवास का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि भारत और पाकिस्तान की टीम एक साथ थी और परिचय के दौरान पाकिस्तान के लोगों ने अपना परिचय भारतीय के रूप में दिया। पूछने पर बोले, भारत के नाम पर लोगों के चेहरे पर खुशी थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, यह हमारी ताकत है और युवाओं के पास भारत जैसी ताकत से जुड़ने का मौका है।
वीके सिंह ने कहा कि युवा भारतीय प्रवासी भारत की ताकत
वीके सिंह
- फोटो : amar ujala
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री डॉ. वीके सिंह ने कहा कि युवा भारतीय प्रवासी भारत की ताकत हैं। उनकी समस्याओं को समझने और संबंधों को मजबूत करने के लिए विदेश मंत्रालय प्रतिबद्ध है। भारत के विकास में युवा भारतीय प्रवासियों का योगदान चाहिए।
वहीं, आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि प्रवासी भारतीयों की तीसरी और चौथी पीढ़ी से देश का मेलजोल बढ़े। युवा भारतीय प्रवासियों के बीच भारत के प्रति ऐतिहासिक और भावनात्मक लगाव बढ़ाया जाए।
पता लगाना है कि युवा भारतीय प्रवासियों से संबंध कैसे और किस माध्यम से गहरे हो सकते हैं। देश की मौजूदा सरकार और विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावास युवा भारतीय प्रवासियों से संबंधों को मजबूती देने के लिए सही काम कर रहे हैं या नहीं...। युवा भारतीय प्रवासियों से भेंट और संवाद स्थापित उनकी सुन कर और अपनी सुना कर हम रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाएंगे।
वहीं, आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि प्रवासी भारतीयों की तीसरी और चौथी पीढ़ी से देश का मेलजोल बढ़े। युवा भारतीय प्रवासियों के बीच भारत के प्रति ऐतिहासिक और भावनात्मक लगाव बढ़ाया जाए।
पता लगाना है कि युवा भारतीय प्रवासियों से संबंध कैसे और किस माध्यम से गहरे हो सकते हैं। देश की मौजूदा सरकार और विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावास युवा भारतीय प्रवासियों से संबंधों को मजबूती देने के लिए सही काम कर रहे हैं या नहीं...। युवा भारतीय प्रवासियों से भेंट और संवाद स्थापित उनकी सुन कर और अपनी सुना कर हम रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाएंगे।