कोलकाता से राजमहल क्रूज से गंगा के रास्ते काशी पहुंचे 17 विदेशी सैलानी, फाइव स्टार जैसी सुविधा
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कोलकाता से 17 विदेशी सैलानियों को लेकर मंगलवार को गंगा नदी के रास्ते राजमहल क्रूज काशी पहुंचा। क्रूज पर सवार चाइना, यूएसए और ब्रिटिश से आए विदेशी मेहमानों को काशी की सभ्यता के साथ ही गंगा आरती और सारनाथ का भ्रमण कराया जाएगा।
क्रूज पर विदेशी मेहमानों के लिए लग्जरी रूम के साथ ही पांच सितारा रेस्टोरेंट, स्पा पार्लर के साथ कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। राजमहल क्रूज बारिश के मौसम में हर वर्ष विदेशी मेहमानों को लेकर वाराणसी आता है। क्रूज के कर्मचारी रौमित ने बताया कि 16 अगस्त को राजमहल पटना से वाराणसी के लिए चला था।
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यहां पर गंगा आरती, सारनाथ म्यूजियम और काशी भ्रमण के बाद गुरुवार को विदेशी सैलानियों को रामनगर और चुनार किला घुमाया जाएगा। इस दौरान चाइना, यूएसए और ब्रिटेन से आए मेहमानों को काशी की सभ्यता और संस्कृति के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
क्रूज कंपनी द्वारा विदेशी मेहमानों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है। मंगलवार को गंगा आरती और काशी घूमने के बाद गंगा नदी में खड़े क्रूज पर ही विदेशी मेहमान रात बिताएंगे। एक अगस्त को विदेशी मेहमानों को लेकर निकले राजमहल की यात्रा 23 अगस्त को वापस कोलकाता पहुंच कर समाप्त होगी। पिछले वर्ष राजमहल क्रूज 23 विदेशी सैलानियों को लेकर काशी आया था।
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कोलकाता के बाबू घाट से काशी के खिड़किया घाट राजमहल क्रूज से पहुंचे विदेशी सैलानियों के लिए उनका सफ र काफी रोमांचक रहा है। राजमहल में सवार सैलानियों को गंगा के रास्ते वाराणसी आने के दौरान गंगा नदी के किनारे बसे कई गांवों को भी करीब से दिखाया गया। भारत की संस्कृति से जुड़ी कई तस्वीरें व पेंटिंग्स राजमहल क्रूज पर हैं जो कि भारत की राजशाही इतिहास व प्राचीन घरानों की गौरव गाथा को दर्शाती हैं।