कैंट स्टेशन पर हाल बेहाल: सात घंटे पानी को तरसे रेल यात्री, वहीं पवन एक्सप्रेस पर चढ़ने के लिए हो गई मारपीट
पेयजल बूथ में पानी नहीं होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकतर यात्रियों ने बोतलबंद पानी खरीदा। कैंट स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्मों पर सुबह दस बजे ही पानी की सप्लाई बंद हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कैंट स्टेशन पर रोपवे निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था की लापरवाही से शुक्रवार को सात घंटे तक रेल यात्री पानी को तरस गए। आरएमएस कॉलोनी में खोदाई के दौरान पाइपलाइन टूटने से प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 9 पर बने वॉटर बूथ सूख गए। शाम लगभग चार बजे कार्यदायी संस्था ने पाइपलाइन को दुरुस्त कराया। वहीं, पेयजल बूथ में पानी नहीं होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकतर यात्रियों ने बोतलबंद पानी खरीदा। कैंट स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्मों पर सुबह दस बजे ही पानी की सप्लाई बंद हो गई। एक-एक कर सभी पेयजल बूथ की टंकियां सूख गईं। यात्री परेशान हुए तो स्टेशन पर अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अधिकारी भी हरकत में आए और फॉल्ट ढूंढ़ना शुरू हुआ। मालूम चला कि आरएमएस कॉलोनी में पेयजल पाइप को रोपवे की कार्यदायी संस्था ने खोदाई के दौरान क्षतिग्रस्त कर दिया है। रेल अधिकारियों की चेतावनी के बाद कार्यदायी संस्था ने शाम चार बजे तक पेयजल पाइप की मरम्मत कराई। इसके बाद स्टेशन पर जलापूर्ति बहाल हुई है। कैंट स्टेशन से रोजाना 112 जोड़ी ट्रेनें गुजरती हैं और 80 हजार से एक लाख तक यात्रियों की आवाजाही होती है। इस संबंध में कैंट के स्टेशन डायरेक्टर गौरव दीक्षित ने बताया कि कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया कि यात्री सुविधाओं का खास ध्यान रखें।
पवन में चढ़ने को लेकर यात्रियों में मारपीट, छूटी ट्रेन
कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर शुक्रवार दोपहर एलटीटी से जयनगर जा रही पवन एक्सप्रेस में पहले चढ़ने को लेकर यात्रियों में मारपीट हो गई। इससे बिहार शिक्षक की परीक्षा देने जा रहे कई अभ्यर्थी ट्रेन में सवार नहीं हो पाए। इन्हें छपरा, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, जयनगर समेत अन्य जगहों पर जाना था। किसी तरह कुछ अभ्यर्थी भीतर घुस पाए तो कुछ दरवाजे, टॉयलेट की गैलरी और सीढ़ियों पर ही खड़े हो गए। बिहार पटना जाने वाली अधिकतर ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ रही।