पूर्वांचल में कड़ाके की ठंड: आज भी नहीं निकली धूप, छाए हैं बादल और ठिठुर रहे लोग, जानें कैसा रहेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अभी दो दिन तक ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है। इसके बाद बूंदाबांदी से तो राहत जरूर मिलेगी लेकिन ठंड के बढ़ने की संभावना है।
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वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में ठंड ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। इसी के मद्देनजर आजमगढ़ में जिला प्रशासन ने कक्षा आठ तक के स्कूल 30 दिसंबर को बंद करने का आदेश दिया है। गुरुवार सुबह भी हल्की कोहरा छाया रहा। लगातार तीसरे दिन धूप नहीं निकला। बादलों के कारण अभी तक सूर्य देव के दर्शन भी लोगों को नहीं हुए। धूप नहीं निकलने से ठंडी हवा शरीर को बेध रही है। गलन भरी ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
बुधवार को आसमान में बादल छाए रहने और दिन में नम हवाएं चलते रहने के साथ ही तापमान में भी पांच डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अभी दो दिन तक ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है। इसके बाद बूंदाबांदी से तो राहत जरूर मिलेगी लेकिन ठंड के बढ़ने की संभावना है। बुधवार को सुबह से लेकर शाम हो गई लेकिन धूप नहीं निकली।
शाम सात बजे के बाद गलन अधिक बढ़ गई। बुधवार को बादल छाये रहने से बलिया व जौनपुर में न्यूनतम पारा 10 डिग्री, मऊ, गाजीपुर, सोनभद्र व भदोही में 11 डिग्री, आजमगढ़ व चंदौली में 12 डिग्री, मिर्जापुर में 13 डिग्री और वाराणसी में 15.5 डिग्री रहा।
ठंड से बचाव के इंतजाम नाकाफी, प्रशासन मौन
रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन हो या घाट या फिर शहर के चौराहे। कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं है, जिससे कि लोगों को राहत मिले। अमर उजाला के पड़ताल में बुधवार को कुछ ऐसा ही दृश्य दिखा। कैंट रेलवे स्टेशन हो या बनारस और काशी रेलवे स्टेशन। कहीं भी अलाव नहीं दिखा। शहर के चौराहों रथयात्रा, भेलूपुर, सिगरा, लहरतारा, मलदहिया, गोदौलिया पर की व्यवस्था नदारद थी।
बरसात से साफ हो गई बनारस की हवा, एक्यूआई 78
बरसात के कारण बनारस प्रदेश भर में सबसे साफ शहर रहा और ग्रीन जोन में पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 78 दर्ज किया गया।