Good News: चंदौली में बनेगा पूर्वांचल का पहला आधुनिक इंडोर कुश्ती स्टेडियम, खिलाड़ियों को मिलेगी ये सुविधा
Varanasi News: भारतीय कुश्ती संघ ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वाराणसी कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव सिंह रानू ने बताया कि यह स्टेडियम पूर्वांचल का पहला हाईटेक और वातानुकूलित कुश्ती केंद्र होगा।
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कुश्ती खिलाड़ियों की सुविधा के लिए भारतीय कुश्ती संघ की ओर से ओलंपिक मानकों के आधार पर पूर्वांचल का पहला आधुनिक इंडोर कुश्ती स्टेडियम चंदौली के लौंदा झांसी में बनाया जाएगा। इससे पूर्वांचल के खिलाड़ियों को आधुनिक कुश्ती के दांव पेच सीखने के लिए हरियाणा और दिल्ली जैसे महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। भारतीय कुश्ती संघ ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वाराणसी कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव सिंह रानू ने बताया कि यह स्टेडियम पूर्वांचल का पहला हाईटेक और वातानुकूलित कुश्ती केंद्र होगा।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीने में केंद्र के लिए वाराणसी, गाजीपुर और चंदौली में संभावित स्थानों की तलाश की जा रही थी। जो चंदौली में पूरी हुई। अखाड़ों को तकनीकी मदद और संसाधन मुहैया कराई जाएगी। दंगल में अक्सर खिलाड़ी चोटिल हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए कुश्ती संघ अंक के आधार पर दंगल कराने वाले अखाड़ों की मदद करेगा।
पूर्वांचल की कुश्ती को मजबूती देने के लिए चंदौली को कुश्ती का हब बनाया जाएगा। इसके लिए चंदौली के लौंदा झांसी में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले इंडोर स्टेडियम बनेगा। यहां पूर्वांचल के अलावा पूर्वोत्तर के खिलाड़ियों को भी अवसर दिया जाएगा। -संजय सिंह बबलू, भारतीय कुश्ती संघ अध्यक्ष
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पूर्वोत्तर के खिलाड़ियों के लिए 12 सीटें आरक्षित
यहां पूर्वांचल के अलावा पूर्वोत्तर के खिलाड़ियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूर्वोत्तर के खिलाड़ियों के लिए 12 सीटें आरक्षित होंगी। बीते कुछ समय में पूर्वांचल के बनारस, चंदौली, गाजीपुर, बलिया जिलों से अच्छे कुश्ती खिलाड़ी निकले हैं। आगामी प्रतियोगिताओं के लिए कुश्ती खिलाड़ी तैयार करने के लिए 2009-10 के बाद दोबारा प्रयास शुरू किया गया है। इस कुश्ती स्टेडियम के निर्माण के लिए गंगा का किनारा सर्वाधिक उपयुक्त मिला।
अखाड़ों में अंक आधारित दंगल को बढ़ावा
कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी मदद और संसाधन मुहैया कराई जाएगी। देर तक चलने वाले दंगल में खिलाड़ी चोटिल हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए भारतीय कुश्ती संघ दंगल को अंक के आधार पर कराने वाले अखाड़ों की मदद करेगा। उन्हें मैच कराने के लिए रेफरी और तकनीकी टीम के अलवा मैट भी उपलब्ध कराई जाएगी।