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विश्वनाथ मंदिर ने खरीदी डॉ. कर्ण सिंह की ‘जम्मू कोठी’
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 28 Aug 2016 01:53 AM IST
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काशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर रियासत की निशानी के तौर पर काशी में बनी जम्मू कोठी शनिवार को बिक गई। जम्मू-कश्मीर राज परिवार की इस निशानी को 1.22 करोड़ रुपये में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने खरीदा। इस कोठी को बेचने का प्रस्ताव जम्मू एंड कश्मीर धर्मार्थ ट्रस्ट ने विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के समक्ष रखा था।
जम्मू एंड कश्मीर धर्मार्थ ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. कर्ण सिंह की सहमति के बाद शनिवार को जम्मू कोठी की रजिस्ट्री कराई गई। ट्रस्ट के वित्त सचिव और प्रबंधक वीएस राजू के अलावा मंदिर प्रशासन के अफसरों की मौजूदगी में बैनामा हुआ। दशाश्वमेध से लगे टेढ़ूीनीम मुहल्ले में सात हजार वर्ग फीट में बनी जम्मू कोठी को बेचने की पहली बार पेशकश वर्ष 2014 में की गई थी। तब से अब तक तीन दौर की बैठकें मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बीच हुईं लेकिन किसी न किसी पेच के कारण सौदा नहीं हो पा रहा था।
विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण की योजनाओं को साकार करने की दिशा में मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी की तत्परता के परिणाम स्वरूप जम्मू-कश्मीर धर्मार्थ ट्रस्ट इस पर राजी हो गया। मंदिर प्रशासन ने जम्मू कोठी की रजिस्ट्री कराए जाने की पुष्टि की। जम्मू कोठी का बैनामा एक करोड़ बाईस लाख रुपये में हुआ, जबकि रजिस्ट्री पर 11 लाख रुपये खर्च हुए।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजना के तहत सरकार रेड जोन के 37 भवनों को खरीदने की योजना बना चुकी है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इसके अलावा, अतिथिशाला, धर्मशाला, पार्किंग, अन्नक्षेत्र, संन्यासी मंडपम, मंदिर कार्यालय, कंट्रोल रूम सहित अन्य योजनाओं, सेवाओं के विस्तार और कार्यान्वयन के लिए रेड जोन के बाहर भी अन्य उपयोगी भवनों की खरीद की तैयारी है। इसी क्रम में जम्मू कोठी को विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने खरीदा है।
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जम्मू एंड कश्मीर धर्मार्थ ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. कर्ण सिंह की सहमति के बाद शनिवार को जम्मू कोठी की रजिस्ट्री कराई गई। ट्रस्ट के वित्त सचिव और प्रबंधक वीएस राजू के अलावा मंदिर प्रशासन के अफसरों की मौजूदगी में बैनामा हुआ। दशाश्वमेध से लगे टेढ़ूीनीम मुहल्ले में सात हजार वर्ग फीट में बनी जम्मू कोठी को बेचने की पहली बार पेशकश वर्ष 2014 में की गई थी। तब से अब तक तीन दौर की बैठकें मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बीच हुईं लेकिन किसी न किसी पेच के कारण सौदा नहीं हो पा रहा था।
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विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण की योजनाओं को साकार करने की दिशा में मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी की तत्परता के परिणाम स्वरूप जम्मू-कश्मीर धर्मार्थ ट्रस्ट इस पर राजी हो गया। मंदिर प्रशासन ने जम्मू कोठी की रजिस्ट्री कराए जाने की पुष्टि की। जम्मू कोठी का बैनामा एक करोड़ बाईस लाख रुपये में हुआ, जबकि रजिस्ट्री पर 11 लाख रुपये खर्च हुए।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजना के तहत सरकार रेड जोन के 37 भवनों को खरीदने की योजना बना चुकी है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इसके अलावा, अतिथिशाला, धर्मशाला, पार्किंग, अन्नक्षेत्र, संन्यासी मंडपम, मंदिर कार्यालय, कंट्रोल रूम सहित अन्य योजनाओं, सेवाओं के विस्तार और कार्यान्वयन के लिए रेड जोन के बाहर भी अन्य उपयोगी भवनों की खरीद की तैयारी है। इसी क्रम में जम्मू कोठी को विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने खरीदा है।