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पबजी बैन पर अभिभावकों ने ली राहत की सांस
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बच्चों और युवाओं के बीच में सबसे लोकप्रिय मोबाइल गेम पबजी का खेल केंद्र सरकार ने खत्म कर दिया है। चीनी गेम पबजी समेत 118 एप को सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया। खतरनाक गेम पबजी के आदि हो चुके बच्चों के अभिभावकों में इसे लेकर बेहद खुशी है। बच्चे इस पबजी गेम खेलने के दौरान चोरी, मारपीट और अन्य कई तरह के गलत कार्यों को घर में अंजाम देने लगे थे। वहीं युवाओं ने भी इसे सरकार का सबसे बेहतरीन कदम बताया। बोले कि चीन को डिजिटल स्ट्राइक से ही मात दिया जाए।
प्रतिबंध देर से हुआ लेकिन दुरुस्त हुआ
पबजी ने कितने ही परिवार के बच्चों को पढ़ाई लिखाई सहित शारीरिक खेल कूद से विरक्त कर दिया था। यह ऐसा जहर था जो बालपन के निश्चल मन को क्रोधित बना रहा था। -राजेश कुमार सिंह, अभिभावक
पबजी बैन करके सरकार ने बच्चों का जीवन बर्बाद होने से बचा लिया है। प्रतिबंधित होने पर सबसे अधिक राहत अभिभावकों को महसूस हो रही है। बच्चे इस खेल के आदि हो चुके थे। -डॉ सलिलेश मालवीय, अभिभावक
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पबजी ने कितने ही बच्चों की मासूमियत को छीन लिया। कितने बच्चे यह खेल के बाद आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गए थे। गेम बैन होने पर अभिभावकों को सबसे अधिक खुशी है। -सनत मिश्रा, अभिभावक
चीन को सबक सिखाने के साथ ही सरकार ने बच्चों व युवाओं को बिगड़ने से बचा लिया। पहले से ही इस गेम को बैन करने की मांग की जा रही थी। अब जाकर ठोस फैसला लिया गया। -दुर्गेश पांडेय, अभिभावक
युवा बाले, भारतीय विकल्प करेंगे इस्तेमाल
पबजी समेत 118 चीनी एप पर प्रतिबंध का फैसला स्वागत योग्य है। राष्ट्रीय सुरक्षा सहित देश के युवाओं के हित में यह फैसला है। पबजी की लत ने न जाने कितने युवाओं को अपने लक्ष्य से भटकाया है। साथ ही उनके अंदर वायलेंस जैसी प्रवृत्ति को भी बढ़ाया है। कई मासूम इस खेल के करण असमय काल के गाल में भी समा जा रहे थे। -सुजीत रघुवंशी
आज के वक्त में हम अपने कई महत्वपूर्ण डाटा फोन में स्टोर कर रखते हैं। ऐसे में अगर हमारे डाटा कुछ एप के कारण सुरक्षित नहीं है तो बेहतर है कि हम उन्हें हटा दें। इन एप के बंद हो जाने से काफी ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इन चीनी एप की जगह भारतीय विकल्प इस्तेमाल करेंगे।- अंकिता गुप्ता
चीनी एप से हमारे प्राइवेट डाटा को काफी खतरा था। इससे पहले भी कई बार इसकी शिकायत यूजर्स द्वारा की जाती थी। सरकार का यह फैसला देश के आईटी कंपनी व हम जैसे युवाओं के लिए एक अवसर प्रदान करेगा जो एप विकसित करने का हुनर रखते हैं। - निमेष सिंह
सरकार द्वारा लिया गया फैसला सही है। हम जितनी जल्दी चाइनीज प्रोडक्ट और एप पर अपनी निर्भरता खत्म करेंगे हमारे लिए उतना ही अच्छा होगा। अब वक्त आ गया है कि हम स्वदेशी चीजों और प्रोडक्ट को बढ़ावा दें। अब कई ऐसे भारतीय एप आ चुके हैं, जो युवाओं में लोकप्रिय है। - स्नेहा सोनी
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प्रतिबंध देर से हुआ लेकिन दुरुस्त हुआ
पबजी ने कितने ही परिवार के बच्चों को पढ़ाई लिखाई सहित शारीरिक खेल कूद से विरक्त कर दिया था। यह ऐसा जहर था जो बालपन के निश्चल मन को क्रोधित बना रहा था। -राजेश कुमार सिंह, अभिभावक
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पबजी बैन करके सरकार ने बच्चों का जीवन बर्बाद होने से बचा लिया है। प्रतिबंधित होने पर सबसे अधिक राहत अभिभावकों को महसूस हो रही है। बच्चे इस खेल के आदि हो चुके थे। -डॉ सलिलेश मालवीय, अभिभावक
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पबजी ने कितने ही बच्चों की मासूमियत को छीन लिया। कितने बच्चे यह खेल के बाद आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गए थे। गेम बैन होने पर अभिभावकों को सबसे अधिक खुशी है। -सनत मिश्रा, अभिभावक
चीन को सबक सिखाने के साथ ही सरकार ने बच्चों व युवाओं को बिगड़ने से बचा लिया। पहले से ही इस गेम को बैन करने की मांग की जा रही थी। अब जाकर ठोस फैसला लिया गया। -दुर्गेश पांडेय, अभिभावक
युवा बाले, भारतीय विकल्प करेंगे इस्तेमाल
पबजी समेत 118 चीनी एप पर प्रतिबंध का फैसला स्वागत योग्य है। राष्ट्रीय सुरक्षा सहित देश के युवाओं के हित में यह फैसला है। पबजी की लत ने न जाने कितने युवाओं को अपने लक्ष्य से भटकाया है। साथ ही उनके अंदर वायलेंस जैसी प्रवृत्ति को भी बढ़ाया है। कई मासूम इस खेल के करण असमय काल के गाल में भी समा जा रहे थे। -सुजीत रघुवंशी
आज के वक्त में हम अपने कई महत्वपूर्ण डाटा फोन में स्टोर कर रखते हैं। ऐसे में अगर हमारे डाटा कुछ एप के कारण सुरक्षित नहीं है तो बेहतर है कि हम उन्हें हटा दें। इन एप के बंद हो जाने से काफी ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इन चीनी एप की जगह भारतीय विकल्प इस्तेमाल करेंगे।- अंकिता गुप्ता
चीनी एप से हमारे प्राइवेट डाटा को काफी खतरा था। इससे पहले भी कई बार इसकी शिकायत यूजर्स द्वारा की जाती थी। सरकार का यह फैसला देश के आईटी कंपनी व हम जैसे युवाओं के लिए एक अवसर प्रदान करेगा जो एप विकसित करने का हुनर रखते हैं। - निमेष सिंह
सरकार द्वारा लिया गया फैसला सही है। हम जितनी जल्दी चाइनीज प्रोडक्ट और एप पर अपनी निर्भरता खत्म करेंगे हमारे लिए उतना ही अच्छा होगा। अब वक्त आ गया है कि हम स्वदेशी चीजों और प्रोडक्ट को बढ़ावा दें। अब कई ऐसे भारतीय एप आ चुके हैं, जो युवाओं में लोकप्रिय है। - स्नेहा सोनी