BHU में छात्रा का धरना: सपा सांसद, ADM सिटी और महिला संगठनों ने की मुलाकात; वीरेंद्र सिंह बोले- होगा आंदोलन
बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय के पास छात्रा अर्चिता सिंह के धरने का आज पांचवां दिन है। कुछ दिन पहले उससे मिलने पहुंचे करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद कई संगठन छात्रा से मिल चुके हैं।
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BHU Collage Varanasi: काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित केंद्रीय कार्यालय के सामने बैठी छात्रा अर्चिता सिंह से मिलने एटीएम सिटी पहुंचे थे। एटीएम सिटी में अर्चिता सिंह से लगभग 10 मिनट तक वार्ता किया। उन्होंने वार्ता के बाद एक-एक बिंदुओं पर जानकारी ली और उसे नोट किया।
इसके बाद एटीएम सिटी ऊपर सेंट्रल ऑफिस पर उच्चाधिकारियों से वार्ता के लिए चले गए। फिलहाल, बातचीत के दौरान एडीएम सिटी ने बताया कि हम यहां पर आज पहुंचे हैं। यहां पर पिछले पांच दिनों से छात्र अर्चिता धरने पर बैठी है, उससे वार्ता किए हैं। बीएचयू के कार्यवाहक कुलपति से इस पर वार्ता करूंगा। उन्होंने कहा कि अभी इस पर कुछ कहना उचित नहीं है वार्ता करूंगा उसके बाद बता पाऊंगा।
सपा के सांसद ने भी की मुलाकात
बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय में छात्रा के धरने का पांचवां दिन रहा। छात्रा से मिलने पहुंचे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले को जाना और न्याय के लिए आश्वस्त कराया। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह और एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने इस मामले में बीएचयू प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की। सपाजनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता की। सांसद ने कहा कि अगर छात्रा को न्याय नहीं मिला तो प्रदर्शन किया जाएगा।
दीक्षा महिला कल्याण शोध संस्थान ने भी की मुलाकात
काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित सेंट्रल ऑफिस के सामने पिछले 5 दिनों से अर्चिता सिंह पीएचडी में एडमिशन की मांग को लेकर छात्र धरने पर बैठी हुई है। सोमवार को उनसे मिलने के लिए दीक्षा महिला कल्याण शोध संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोषी शुक्ला भी पहुंचीं। संतोषी ने अर्चिता से वार्ता कर विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
मीडिया से बातचीत करते हुए संतोषी ने कहा कि जिस तरह से एक अकेली छात्रा पीएचडी में एडमिशन की मांग को लेकर धरने पर बैठी है, वह काफी ही शर्मनाक है। अर्चिता ने बताया कि अर्चिता सिंह की सारी डॉक्यूमेंट सही है, उसके बावजूद उसका एडमिशन नहीं लिया जा रहा और किस राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा।
उनका कहना है कि काशी के सांसद देश के प्रधानमंत्री जहां बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दे रहे हैं। वहीं, बेटी को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने मांग किया कि जल्द से जल्द अर्चिता सिंह का एडमिशन लिया जाए, ताकि वह शिक्षा से वंचित न रह पाए। उनके साथ सगुप्ता परवीन, स्वेता श्रीवास्तव सहित अन्य महिलाएं रहीं।