IIT BHU: छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अभियोजन को अतिरिक्त गवाह बुलाने की अनुमति, 18 को होगी सुनवाई
Varanasi News: आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अभियोजन को अतिरिक्त गवाह बुलाने की अनुमति मिल गई है। वहीं अब इस मामले में 18 जुलाई को सुनवाई की तिथि तय की गई है।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में सोमवार को बीएचयू आईआईटी की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने मामले में अतिरिक्त गवाहों को तलब किए जाने का आवेदन प्रस्तुत किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी।
क्या है पूरा मामला
अभियोजन की ओर से बताया गया कि विवेचना के दौरान बीएचयू प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज से संबंधित भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-बी का प्रमाणपत्र प्राप्त कर उसे केस डायरी का हिस्सा बनाया गया है। हालांकि, यह मूल प्रमाणपत्र न्यायालय की पत्रावली पर उपलब्ध है, लेकिन इसे जारी करने वाले साक्षी का नाम आरोपपत्र में शामिल नहीं है। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन से संबंधित आईपीडीआर, सीडीआर, सीएएफ और जीपीआरएस के अभिलेख भी विवेचना के दौरान प्राप्त किए गए हैं।
अभियोजन ने बताया कि इन अभिलेखों की प्रमाणित प्रति और प्रमाणपत्र भारती एयरटेल लिमिटेड, गोमतीनगर (लखनऊ) के नोडल अधिकारी कौशलेन्द्र त्रिपाठी ने उपलब्ध कराए हैं। इसलिए उनकी गवाही मामले के निस्तारण के लिए आवश्यक है।
आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की ओर से अधिवक्ता ने अभियोजन के आवेदन का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 18 जुलाई के लिए निर्धारित कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता उपस्थित रहे, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मौजूद रहे।
लंका थाना क्षेत्र स्थित बीएचयू परिसर में दो नवंबर 2023 की रात आईआईटी की छात्रा के साथ बाइक सवार तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। लंका पुलिस ने विवेचना के दौरान कुणाल पांडेय, आनंद चौहान उर्फ अभिषेक और सक्षम पटेल को गिरफ्तार किया था। मामले में प्रथम विवेचक सहजानंद श्रीवास्तव का बयान पहले ही अदालत में दर्ज किया जा चुका है, जबकि दूसरे विवेचक शिवाकांत मिश्रा की गवाही अभी लंबित है। अतिरिक्त गवाहों की गवाही की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।