{"_id":"69a0ae0beb4ac5ea320b66b7","slug":"prof-hriday-ranjan-sharma-receives-all-india-sitaram-kaviraj-award-varanasi-news-c-20-vns1021-1304085-2026-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: प्रो. हृदय रंजन शर्मा को मिला अखिल भारतीय सीताराम कविराज पुरस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: प्रो. हृदय रंजन शर्मा को मिला अखिल भारतीय सीताराम कविराज पुरस्कार
विज्ञापन
श्रीविद्या के देशिक प्रवर आचार्य स्वामी दत्तात्रेयानंदनाथ (पं.सीताराम कविराज) के शताब्दी जयंती महोत्सव पर गणेश बाग नगवां में श्रीविद्या साधना पीठ में एक आयोजन हुआ। इसमें महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन के उपाध्यक्ष प्रो. हृदयरंजन शर्मा को अखिल भारतीय पं. सीताराम कविराज दत्तात्रेयानंदनाथ स्मृति सम्मान मिला। पीठाध्यक्ष स्वामी प्रकाशानंद नाथ, बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी, काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पद्मभूषण प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी, आईएएस हिमांशु कुमार, प्रो. श्रीकिशोर मिश्र ने उन्हें पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपये व अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।
प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह स्थल धर्म और आस्था के साथ धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के उपासना पद्धति पर चलने वाला स्थान है। श्रीविद्या के देशिक प्रवर आचार्य पं. सीताराम कविराज की उपासना अत्यंत विशिष्ट रही और आज इसका लाभ हम सभी को सुलभ है। प्रो. हृदयरंजन शर्मा ने कहा कि यह गुरु की असीम कृपा का प्रतिफल है जिससे मुझे यह सम्मान प्राप्त हुआ। श्रीविद्या ऐसी विद्या है जो भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करने वाली है। अध्यक्षता प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी ने की। पीठाध्यक्ष स्वामी प्रकाशानंद नाथ ने सभी को आशीर्वचन प्रदान किए। अतिथियों ने श्रीविद्यामंत्र महायोग तथा श्रीविद्या साधना अष्टांगम नामक पुस्तकों का विमोचन किया। काशी के 125 विद्वानों का सत्कार हुआ। स्वागत संयोजक प्रो.श्रीकिशोर मिश्र, संचालन डॉ. दीपक कुमार शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. उपेंद्र त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर हिमांशु कुमार, प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय, प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी, प्रो. राममोहन पाठ मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह स्थल धर्म और आस्था के साथ धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के उपासना पद्धति पर चलने वाला स्थान है। श्रीविद्या के देशिक प्रवर आचार्य पं. सीताराम कविराज की उपासना अत्यंत विशिष्ट रही और आज इसका लाभ हम सभी को सुलभ है। प्रो. हृदयरंजन शर्मा ने कहा कि यह गुरु की असीम कृपा का प्रतिफल है जिससे मुझे यह सम्मान प्राप्त हुआ। श्रीविद्या ऐसी विद्या है जो भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करने वाली है। अध्यक्षता प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी ने की। पीठाध्यक्ष स्वामी प्रकाशानंद नाथ ने सभी को आशीर्वचन प्रदान किए। अतिथियों ने श्रीविद्यामंत्र महायोग तथा श्रीविद्या साधना अष्टांगम नामक पुस्तकों का विमोचन किया। काशी के 125 विद्वानों का सत्कार हुआ। स्वागत संयोजक प्रो.श्रीकिशोर मिश्र, संचालन डॉ. दीपक कुमार शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. उपेंद्र त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर हिमांशु कुमार, प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय, प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी, प्रो. राममोहन पाठ मौजूद रहे।
विज्ञापन