थम गया ताना-बाना, खामोश हुए पावरलूम, काशी के बुनकरों को मिला प्रियंका गांधी का साथ
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पुरानी दरों पर बिजली की मांग को लेकर काशी के बुनकरों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया। बुधवार को भी पावरलूम खामोश रहे। मंगलवार की सुबह से ही काशी का ताना-बाना थम गया था, तो दूसरी तरफ पावरलूम भी खामोश हो गए थे। शहर से गांव तक बुनकर घरों का नजारा कुछ ऐसा ही था। हाथों में तख्तियां लेकर बुनकरों ने पुरानी दरों पर बिजली देने की मांग को खामोशी से बुलंद की। वहीं बुनकरों को अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का समर्थन मिला है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि वाराणसी समेत पूरे उत्तर प्रदेश के बुनकर इस समय भयानक संकट का सामना कर रहे हैं। सरकार ने न तो बिजली बिल के मुद्दे पर कोई बात सुनी है और न ही इस लॉकडाउन से उपजे संकट से उबारने के लिए उन्हें कोई मदद की है। अपनी कला के जरिए पूरे विश्व में यूपी का नाम रोशन करने वाले बुनकर आज हड़ताल करने को मजबूर हैं। सरकार को बुनकरों की मांग सुननी चाहिए।
मंगलवार को बुनकर संगठनों ने घूम-घूमकर गलियों में लोगों को जागरूक भी किया। जिन गलियों में हर रोज पावरलूम और हथकरघे की खटर-पटर सुनाई देती थी, वहां बुनकर अपने दरवाजे पर बैठकर विरोध जताते नजर आए। शहर के पीलीकोठी, बड़ी बाजार, सरैया, लाट भैरव, लोहता, बजरडीहा, रेवड़ी तालाब और मदनपुरा में पावरलूम और हथकरघे के कारखाने बंद रहे।
उत्तर प्रदेश बुनकर सभा के महामंत्री हाजी रहमतुल्ला अंसारी ने बताया कि 2006 से बुनकरों को फ्लैट रेट पर बिजली मिल रही थी लेकिन योगी सरकार ने इसे बंद कर दिया। हमारी मांग है कि बुनकरों को पुरानी व्यवस्था के तहत फ्लैट रेट पर बिजली मुहैया कराई जाए।
आज से हम लोग 15 दिनों तक पावरलूम और हथकरघे को बंद कर अपना विरोध जताएंगे। यदि सरकार ने इन 15 दिनों में हमारी मांगें नहीं मानीं तो हम बुनकर अपने कारखाने के बिजली कनेक्शन को परमानेंट डिस्कनेक्ट कराएंगे।
साड़ी व्यापार मंडल भी मुर्री बंद के समर्थन में
लोहता साड़ी व्यापार मंडल ने भी बुनकरों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। मंगलवार को साड़ी व्यापार मंडल के अध्यक्ष सेराज अहमद फारूकी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बुनकर बेरादराना तंजीम के मुर्री बंद के समर्थन में सात सितंबर तक बंद रहेगा। वहीं दूसरी तरफ लोहता, हरपालपुर, महमूदपुर, धन्नीपुर, कोटवां, चंदापुर के गांव में पावरलूम मशीनें शांत रहीं। बैठक में शंभू साव, मो. निजाम, हाजी मुराद, राजेश साव, हाजी बाबू, रिंकू शामिल रहे।