प्रियंका के पूर्वांचल दौरे के बाद कोर्ट में दाखिल हुई अर्जी, वकील ने केस दर्ज करने की लगाई गुहार
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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का पूर्वांचल दौरा अभी तक चर्चा का विषय बना हुआ है। वाराणसी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी यादव की अदालत में काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पुजारी राजन तिवारी के खिलाफ सोमवार को अर्जी दाखिल की गई है।
दाखिल अर्जी में कहा गया है कि, ज्योतिर्लिंग की पौराणिक और धार्मिक मान्यता को खंडित कर काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने वाली ईसाई धर्म की प्रियंका गांधी वाड्रा को रोका नहीं गया। पुजारी ने गर्भ गृह में ईसाई महिला से पूजन कराया।
इस तरह हिंदू धर्म पर कुठाराघात किया गया जो अपराध की श्रेणी में आता है। अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने विपक्षियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश देने की अदालत से गुहार लगाई है। अधिवक्ता द्वारा कोर्ट में दाखिल इस अर्जी पर अदालत ने चौक थाने से 12 अप्रैल को आख्या तलब की है।
प्रियंका गांधी के खिलाफ थाने में पहले ही दी गई थी तहरीर
इसके पहले 22 मार्च को प्रियंका गांधी के काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने पर उनके खिलाफ वाराणसी के चौक थाने पर अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने तहरीर दी थी। चौक पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था। शिवपुर थाना अंतर्गत चांदमारी निवासी अधिवक्ता ने अपनी तहरीर में प्रियंका गांधी वाड्रा को ईसाई महिला बताया था।
प्रियंका गांधी वाड्रा के काशी विश्वनाथ आने से पहले ही इस बात को लेकर सुगबुगाहट थी कि वह ईसाई हैं। इस बात का खंडन करते हुए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा ने कहा था कि प्रियंका गांधी के पति रॉर्बट वाड्रा ईसाई नहीं बल्कि पंजाबी हिंदू हैं। इसलिए प्रियंका गांधी वाड्रा एक हिंदू महिला हैं।