निजी अस्पतालों की लापरवाही पर प्रशासन की सख्ती, बिना इलाज मरीजों को अब लौटाना पड़ेगा महंगा
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वाराणसी में कोरोना काल में निजी अस्पतालों की बढ़ती लापरवाही को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। अब अस्पतालों में इमरजेंसी में आने वाले सभी मरीजों का इलाज करना होगा और बिना इलाज कोई भी अस्पताल मरीजों को लौटा नहीं सकेंगे।
सीएमओ ने निजी अस्पतालों के संचालक/प्रबंधक के साथ ही आईएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों को पत्र भेजकर इसका पालन कराने को कहा है।
वाराणसी जिले के निजी अस्पतालों में जिस तरह से वेंटिलेटर ना होने, एक मुश्त खर्च का पैकेज का हवाला देते हुए मरीजों को वापस लौटाया जा रहा है, उससे मरीजों, परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीन दिन पूर्व ही दुर्गाकुंड निवासी विजय भट्टाचार्य को वेंटिलेटर न होने की बात कहकर तीन निजी अस्पतालों ने लौटा दिया था और उनकी मौत हो गई थीं।
इसको लेकर शासन की सख्ती के बाद स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने भी कड़ाई शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने आईएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष/सचिव को भेजे पत्र में अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले सभी मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा से वंचित न रखने और तुरंत इलाज करने को कहा है।
आईपीसी और बायोमेडिकल नियमों का हो पालन
सीएमओ ने आईएमए, नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष/सचिव और निजी अस्पतालों के संचालक/प्रबंधकों को भेजे पत्र में कोरोना काल में आईपीसी (इंफेक्शन प्रिवेंशन कंट्रोल) और बायोमेडिकल का नियमानुसार निस्तारण करने का निर्देश जारी किया है। इसके लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों का हवाला देते हुए पालन कराने को कहा गया है।