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वाराणसी जेल से भागा बंदी: हाथ में परिजन का मुहर लगाकर भीड़ में हुआ शामिल, दुष्कर्म मामले में हुआ था अरेस्ट
Sun, 05 Mar 2023 12:16 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Sun, 05 Mar 2023 12:16 PM IST
सार
लालपुर निवासी राजू सिंह को बीते सात फरवरी को एक किशोरी के साथ दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। राजू चोरी का अभ्यस्त अपराधी भी है और उसके खिलाफ अलग-अलग आरोपों में लालपुर पांडेयपुर थाने में छह मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल वह जेल कि बैरक नंबर एक में बंद था।
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फोटो सात फरवरी की है, जब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार किया था
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चौकाघाट स्थित जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को धता देकर शनिवार को एक बंदी बाहर भाग निकलने में सफल रहा। मामला पुलिस के माध्यम से जिला जेल प्रशासन की जानकारी में आते ही हड़कंप मच गया। लालपुर पांडेयपुर और कैंट थाने की पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच को जेल से भागे हुए बंदी की तलाश में लगाया गया है।
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लालपुर निवासी राजू सिंह को बीते सात फरवरी को एक किशोरी के साथ दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। राजू चोरी का अभ्यस्त अपराधी भी है और उसके खिलाफ अलग-अलग आरोपों में लालपुर पांडेयपुर थाने में छह मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल वह जेल कि बैरक नंबर एक में बंद था। बताया जाता है कि जेल में बंदियों से मुलाकात के लिए आने वाले उनके परिजनों और करीबियों के हाथ में जो मुहर लगाई जाती है, वही मुहर राजू ने न जाने कैसे अपने हाथ में लगवा ली थी। दूसरे पहर के मुलाकाती जब जेल से बाहर जाने लगे तो उन्हीं की भीड़ में शामिल होकर जेल पुलिस के कर्मियों को चकमा देते हुए वह बाहर निकल गया। जेल से बाहर निकल कर वह पॉक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता के घर गया और उसे केस वापस लेने के लिए धमकाया।
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वाराणसी जिला जेल
- फोटो : अमर उजाला
पीड़िता ने जब इस संबंध में अर्दली बाजार चौकी की पुलिस को सूचना दी तो राजू के जेल से फरार होने का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने राजू के संबंध में जेल प्रशासन से पूछा तो कोई कुछ बता पाने की स्थिति में ही नहीं था। इसके बाद लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस हरकत में आई और राजू की तलाश शुरू की। मामला कमिश्नरेट के अफसरों के संज्ञान में आया तो राजू को तलाश में कैंट और सारनाथ थाने की पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया। जेल प्रशासन की तहरीर के आधार पर राजू के खिलाफ लालपुर पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस संबंध में जिला जेल के जेलर वीरेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि बंदी मुलाकातियों की भीड़ में भागा है। घटना की जांच कराई जा रही कि किसकी चूक की वजह से वह बाहर निकलने में सफल रहा। दोषी कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी जिला जेल
- फोटो : अमर उजाला
जिला जेल के अफसर से लेकर कर्मचारी तक रहे बेफिक्र
सुरक्षा कर्मियों की घोर लापरवाही उजागर होने के बाद भी जेल प्रशासन बंदी के फरार होने के मामले को लेकर लापरवाह दिखे। बंदी दोपहर में ही जेल से भाग गया था, लेकिन अफसरों से लेकर कर्मचारी तक सभी बेफिक्र रहे। शाम की गणना के दौरान भी किसी का ध्यान नहीं गया कि बंदी राजू कहां हैं। बताया जा रहा है कि जेल कर्मियों की मिलीभगत से ही राजू अपने हाथ में मुलाकातियों वाली मुहर लगवाने में और फिर बाहर निकलने में सफल रहा। माना जा रहा है कि इस बड़ी लापरवाही के लिए जल्द ही जिला जेल के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक की जवाबदेही सुनिश्चित कर तगड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कस्टडी से भी भागने का किया था प्रयास
बीते फरवरी महीने में राजू को गिरफ्तार कर पुलिस अदालत में पेश करने के लिए ले जा रही थी। उस दौरान भी वह पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया था। कचहरी के अधिवक्ताओं ने राजू को पकड़ कर पीटने के बाद उसे पुलिस को सौंपा था। इसके बाद उसका प्राथमिक उपचार करा कर उसे अदालत में पेश किया गया था।
सुरक्षा कर्मियों की घोर लापरवाही उजागर होने के बाद भी जेल प्रशासन बंदी के फरार होने के मामले को लेकर लापरवाह दिखे। बंदी दोपहर में ही जेल से भाग गया था, लेकिन अफसरों से लेकर कर्मचारी तक सभी बेफिक्र रहे। शाम की गणना के दौरान भी किसी का ध्यान नहीं गया कि बंदी राजू कहां हैं। बताया जा रहा है कि जेल कर्मियों की मिलीभगत से ही राजू अपने हाथ में मुलाकातियों वाली मुहर लगवाने में और फिर बाहर निकलने में सफल रहा। माना जा रहा है कि इस बड़ी लापरवाही के लिए जल्द ही जिला जेल के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक की जवाबदेही सुनिश्चित कर तगड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कस्टडी से भी भागने का किया था प्रयास
बीते फरवरी महीने में राजू को गिरफ्तार कर पुलिस अदालत में पेश करने के लिए ले जा रही थी। उस दौरान भी वह पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया था। कचहरी के अधिवक्ताओं ने राजू को पकड़ कर पीटने के बाद उसे पुलिस को सौंपा था। इसके बाद उसका प्राथमिक उपचार करा कर उसे अदालत में पेश किया गया था।