यूपी: जेल से गुंडा एक्ट का आरोपी फरार, इससे पहले भी फरार हुए थे दो बदमाश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर जिले के पचहटिया स्थित अस्थाई जेल में बंद गुंडा एक्ट का आरोपी फारुख नट सोमवार की सुबह सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। घंटों बाद सुरक्षाकर्मियों को इसकी जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमों को रवाना किया गया है।
फारुख बक्शा थाना क्षेत्र के सुंगुलपुर गांव का निवासी है। उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई हुई थी। सात जुलाई को उसे पुलिस ने घर के पास से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब 25 दिन पहले भी इसी अस्थाई जेल से दो और बदमाश फरार हुए थे, जिन्हें कई दिनों बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
जिला जेल में क्षमता से तीन गुना अधिक बंदियों-कैदियों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पचहटिया स्थित प्रसाद इंस्टीट्यूट परिसर को अस्थाई जेल बनाया है। विभिन्न मामलों में गिरफ्तार होने वाले आरोपियों को यहीं रखा जा रहा है। अस्थाई जेल में बंदियों की देखभाल के लिए राजस्व कर्मियों के अलावा पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है।
सात जुलाई को बक्शा पुलिस ने गुंडा एक्ट में निरुद्ध सुंगुलपुर निवासी फारुख नट को जिला बदर के आदेश के उल्लंघन में गिरफ्तार कर कोर्ट के लिए चालान किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। तब से वह इसी जेल में रह रहा था। रविवार की रात गिनती के दौरान फारुख जेल में ही मौजूद था। सुबह दोबारा गिनती हुई तो उसमें फारुख को नदारद पाकर सुरक्षाकर्मी सन्न रह गए।
जेल के अंदर काफी देर तक तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। प्रभारी जेलर एसडीएम नीतिश कुमार सिंह, एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार, सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह सहित अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। जेल के सभी खिड़की-दरवाजे और रोशनदान की जांच की गई, मगर सब सही सलामत थे। फारुख जेल के अंदर से कैसे भागा यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि फारुख की तलाश में टीमें लगाई गई है। वह जेल से कैसे भागा, इसकी भी जांच की जा रही है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। बता दें कि करीब 25 दिन पूर्व बदलापुर और मीरगंज थाने से पकड़े गए दो बदमाश भी इसी अस्थाई जेल से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे। उन्हें कई दिनों की मशक्कत के बाद पुलिस गिरफ्तार कर पाई थी।