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प्रधानमंत्री के हाईस्पीड ट्रेन के सपने को ‘रफ्तार’ देगा डीरेका
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 29 May 2016 02:40 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाईस्पीड ट्रेन का सपना डीरेका साकार करेगा। डीरेका का डब्ल्यूडीपी4 इंजन अधिकतम 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। स्पेन की तकनीक पर आधारित हाईस्पीड टेलगो बोगियों के साथ इसका ट्रायल रविवार को बरेली-मुरादाबाद रूट पर होगा। ट्रायल सफल रहा तो डीरेका की उपलब्धियों में एक और कड़ी जुड़ जाएगी। साथ ही दिल्ली से मुंबई के बीच देश की पहली हाईस्पीड ट्रेन चलाने का मोदी सरकार के सपनों को भी नए पंख लग जाएंगे।
हाईस्पीड ट्रेन के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में स्पेन की तकनीक पर आधारित टेलगो बोगियों का ट्रायल चल रहा है। रविवार को डब्ल्यूडीपी4 इंजन के साथ ट्रायल होगा। डीरेका में निर्मित 4000 अश्व शक्ति क्षमता के डीजल रेल इंजन डब्ल्यूडीपी4 की आठ बोगियों के साथ अधिकतम रफ्तार 220 किमी प्रति घंटे की है। सूत्रों की मानें तो फिलहाल इस इंजन का उत्पादन बंद है क्योंकि रेलवे की जरूरत के अनुसार इंजन का उत्पादन करना होता है और यहां ज्यादा बोगियों को खींचने वाले इंजन की जरूरत होती है। इस लिहाज से डब्ल्यूडीपी4 के नए वर्जन का उत्पादन किया जा रहा है, जिसमें ज्यादा भार खींचने की क्षमता अधिक है लेकिन रफ्तार कम है। हाईस्पीड ट्रेन के लिहाज से डब्ल्यूडीपी4 इंजन का ट्रायल सफल रहा तो रेलवे बोर्ड फिर से इसके उत्पादन को हरी झंडी दे सकता है।
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हाईस्पीड ट्रेन के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में स्पेन की तकनीक पर आधारित टेलगो बोगियों का ट्रायल चल रहा है। रविवार को डब्ल्यूडीपी4 इंजन के साथ ट्रायल होगा। डीरेका में निर्मित 4000 अश्व शक्ति क्षमता के डीजल रेल इंजन डब्ल्यूडीपी4 की आठ बोगियों के साथ अधिकतम रफ्तार 220 किमी प्रति घंटे की है। सूत्रों की मानें तो फिलहाल इस इंजन का उत्पादन बंद है क्योंकि रेलवे की जरूरत के अनुसार इंजन का उत्पादन करना होता है और यहां ज्यादा बोगियों को खींचने वाले इंजन की जरूरत होती है। इस लिहाज से डब्ल्यूडीपी4 के नए वर्जन का उत्पादन किया जा रहा है, जिसमें ज्यादा भार खींचने की क्षमता अधिक है लेकिन रफ्तार कम है। हाईस्पीड ट्रेन के लिहाज से डब्ल्यूडीपी4 इंजन का ट्रायल सफल रहा तो रेलवे बोर्ड फिर से इसके उत्पादन को हरी झंडी दे सकता है।
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