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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Prime Minister Modi saw Shiv Ka Damru, after the presentation in Lucknow now the cabinet approval is expected soon

वाराणसी: प्रधानमंत्री मोदी ने देखा 'शिव के डमरू' का ब्लू प्रिंट, लखनऊ में प्रस्तुतीकरण के बाद अब कैबिनेट से जल्द मंजूरी की उम्मीद

Tue, 05 Oct 2021 11:05 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 05 Oct 2021 11:05 PM IST
सार

कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही इस परियोजना का टेंडर जारी कर दिया जाएगा। वीडीए की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि स्टाल पर पीएम नरेंद्र मोदी ने चलते-चलते प्रोजेक्ट को देखा और उसकी जानकारी ली। 

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Prime Minister Modi saw Shiv Ka Damru, after the presentation in Lucknow now the cabinet approval is expected soon
पूर्वांचल की पहली सिग्नेचर बिल्डिंग का स्वरूप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आसमान से पूरे बनारस को निहारने के लिए बनाई जा रही स्काई वॉक वाली शहर की सबसे ऊंची इमारत का ब्लू प्रिंट मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में आयोजित अमृत महोत्सव में देखा। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के स्टॉल को शिव के डमरू आकार के मॉडल को प्रधानमंत्री ने चलते-चलते देखा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें इस सिग्नेचर बिल्डिंग की जानकारी दी। 

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पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बनने वाली भूतल सहित 18 मंजिला इमारत का महोत्सव में प्रदर्शन किया गया। 324.88 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बिल्डिंग के लिए कमिश्नरी कंपाउंड से पेड़ों को शिफ्ट कर लिया गया है और मिट्टी आदि की जांच कर ली गई है। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही इस परियोजना का टेंडर जारी कर दिया जाएगा। वीडीए की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि स्टाल पर पीएम नरेंद्र मोदी ने चलते-चलते प्रोजेक्ट को देखा और उसकी जानकारी ली। 

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बनारस की होगी दूसरी बड़ी परियोजना

रिंग रोड के बाद वाराणसी की यह दूसरी बड़ी परियोजना होगी। इसे तैयार करने वाली कार्यदायी संस्था डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेशन सब पूरा करने के बाद ट्रांसफर करेगी। ऐसे में शासन से मंजूरी के बाद ही इसकी नियम शर्तें तय की जाएंगी। इस भवन की प्लेटिनम रेटिंग की जाएगी। इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) मांगी गई है।

एक नजर में परियोजना
  • एकीकृत मंडलीय कार्यालय वाराणसी परियोजना
  • 26,051 वर्गमीटर में तैयार होगी दो भूतल सहित 18 मंजिला दो इमारतें
  • परियोजना की अनुमानित लागत- 324.88 करोड़
  • परियोजना की अनुमानित अवधि- 18 महीने
  • दोनोें इमारतों को जोड़ते हुए प्रदेश का पहला स्काई वॉक बनेगा
  • 45 सरकारी कार्यालय होंगे शिफ्ट, एक भवन पूरी तरह से कार्यदायी संस्था के जिम्मे

मोबा एप की हुई लांचिंग, पीएम ने देखी सफाई व्यवस्था

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत मंगलवार को लखनऊ में आयोजित अर्बन कांक्लेव में पीएम नरेंद्र मोदी ने मोबा एप के माध्यम से अपने संसदीय क्षेत्र में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की ऑनलाइन व्यवस्था देखी। इससे पहले उन्होंने मोबा एप की लांचिग की। इसकी शुरुआत वरुणा पार जोन के विंध्यवासिनी नगर कालोनी से हुई। इस व्यवस्था से नगर निगम के अन्य चार जोनों में भी सफाई व्यवस्था की मॉनीटरिंग जल्द शुरू होगी। 

इस दौरान कार्यक्रम में नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था से लेकर स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले कार्यों को स्टाल के जरिए प्रदर्शित किया। पीएम ने भी इसे निहारा। इस दौरान अधिकारियों ने पीएम को क्यूआर कोड और जीओ टैगिंग के माध्यम से होने वाले इस ऑनलाइन कूड़ा उठान व उसकी मॉनीटरिंग के बारे में बताया। निगम के अधिशासी अभियंता अजय राम ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत मोबा एप से कूड़ा उठान सहित निगम की करीब 200 कूड़ा गाड़ियां जीपीएस से लैस होने की जानकारी दी।

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