वाराणसी: घाटों पर बढ़ रहा गंगा का दबाव, नहर बनाकर प्रवाह बदलने की कोशिश, रोरो का रास्ता साफ होगा
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वाराणसी में खूबसूरत घाटों पर बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए गंगा में ड्रेजिंग कराई जाएगी। सिंचाई विभाग की एक्सपर्ट टीम ने सर्वे के बाद शासन को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। गंगा पार की तरफ कैनाल (नहर) विकसित कर गंगा के प्रवाह को बदलने का प्रयास करेंगे। इसके लिए फरवरी महीने में बजट जारी होने की उम्मीद है। ड्रेजिंग के बाद राजघाट से अस्सी घाट के बीच रोरो सर्विस का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
गंगा पार इलाके में ज्यादा बालू और मिट्टी जमा होने के कारण गंगा का दबाव घाटों पर बढ़ रहा है। इससे घाटों पर कटान का खतरा बना हुआ है। ऐसे में जिला प्रशासन ने शासन को ड्रेजिंग का प्रस्ताव दिया था। शासन की ओर सिंचाई विभाग की तीन सदस्यीय एक्सपर्ट टीम को ड्रेजिंग के लिए सर्वे के नियुक्त किया गया था।
टीम ने अपनी रिपोर्ट में ड्रेजिंग को आवश्यक बताया है और उल्लेख किया है कि गंगा में एक तरफ दबाव बढ़ने से पानी का प्रवाह घाटों की ओर बढ़ा है। ऐसे में कछुआ सैंक्चुअरी की तरफ नहर बनाकर गंगा के प्रवाह को ठीक किया जाएगा। इसके लिए सर्वे के आधार पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उम्मीद है कि इस वर्ष अप्रैल-मई में ड्रेजिंग का काम शुरू किया जाएगा।
यहां बता दें कि गंगा की धारा प्रवाह को बढ़ाने के लिए प्रयागराज से वाराणसी तक लगभग 176 किलोमीटर तक की ड्रेजिंग की योजना है। वाराणसी से प्रयागराज के बीच 35 स्थान ऐसे हैं, जहां पर गंगा का जलस्तर बहुत कम है। प्रति किलो मीटर दस सेमी का ढलान है। लेकिन रेत अधिक होने से कई स्थानों पर ढलान नाम मात्र का रह गया है। इस समय गंगा में कई स्थान ऐसे हैं जहां पर तीन फीट ही पानी है।
जल परिवहन को मिलेगी गति, रोरो सर्विस की उम्मीद जगी
ड्रेजिंग के बाद गंगा की गहराई बढ़ने के साथ ही प्रवाह भी ठीक किया जाएगा। इससे जल परिवहन को भी गति मिलेगी। राजघाट से अस्सी घाट के बीच प्रस्तावित रो रो सर्विस की उम्मीद जगी है। दरअसल, गंगा में इसी साल से रो रो सर्विस की योजना है। इसमें घाटों को जेटी बनाकर रो रो सर्विस के जरिए यात्री क्रूज चलाया जाएगा।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि सिंचाई विभाग की टीम ने ड्रेजिंग पर सहमति दी है। बजट आदि पर कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके लिए जल्द ही बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।