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मोटे अनाज की खेती के लिए रकबा बढ़ाने की तैयारी
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वाराणसी। मोटे अनाज (मक्का, ज्वार, बाजरा आदि) की बढ़ती मांग को देखते हुए जिले में इसकी खेती का रकबा बढ़ाने की तैयारी है। पिछले सप्ताह प्रयागराज में तीन मंडलों के कृषि विभाग की बैठक में रणनीति बनाई गई।
जिले में कम होती कृषि भूमि के कारण मोटे अनाज की खेती सीमित क्षेत्र में होती है। कृषि विभाग के पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक जिले में मक्के का उत्पादन 3212 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 20.26 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, ज्वार का 2845 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 12.44 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, बाजरा 5061 हेक्टेयर में 11.19 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन रहा। अब इसे और बढ़ाने की तैयारी है।
उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस खरीफ सीजन में मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर रहेगा। इसके पिछले सप्ताह प्रयागराज में तीन मंडलों की बैठक में रणनिती तैयार की जिसपर कार्य किया जा रहा है। जल्द किसानों को मोटे अनाज की बुआई के लिए अनुदानित बीज की सुविधा मिलेगी। अभी तक कृषि विभाग की ओर से खरीफ सीजन के धान, अरहर, मूंग और उर्द के बीजों का 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज का वितरण किया गया है। मोटे अनाज की खेती के लिए किसानों को जागरूक किया जाएगा। ताकि 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटे अनाजों के रुप में मनाया जाए।
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जिले में कम होती कृषि भूमि के कारण मोटे अनाज की खेती सीमित क्षेत्र में होती है। कृषि विभाग के पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक जिले में मक्के का उत्पादन 3212 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 20.26 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, ज्वार का 2845 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 12.44 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, बाजरा 5061 हेक्टेयर में 11.19 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन रहा। अब इसे और बढ़ाने की तैयारी है।
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उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस खरीफ सीजन में मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर रहेगा। इसके पिछले सप्ताह प्रयागराज में तीन मंडलों की बैठक में रणनिती तैयार की जिसपर कार्य किया जा रहा है। जल्द किसानों को मोटे अनाज की बुआई के लिए अनुदानित बीज की सुविधा मिलेगी। अभी तक कृषि विभाग की ओर से खरीफ सीजन के धान, अरहर, मूंग और उर्द के बीजों का 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज का वितरण किया गया है। मोटे अनाज की खेती के लिए किसानों को जागरूक किया जाएगा। ताकि 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटे अनाजों के रुप में मनाया जाए।
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