यूपी: सड़क किनारे गर्भवती ने दिया बच्चे को जन्म, एक घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस; एनटीपीसी ने की मदद
मायके से घर लौट रही गर्भवती महिला ने सोनभद्र में एनटीपीसी रिहंद आवासीय परिसर के पास सड़क किनारे बच्चे को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार, एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी। करीब एक घंटे बाद परियोजना की एंबुलेंस से महिला और नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने दोनों को स्वस्थ बताया। घटना के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठे।
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बीजपुर के म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र के डोडहर गांव की गर्भवती महिला ने बृहस्पतिवार को एनटीपीसी रिहंद आवासीय परिसर के पास सड़क किनारे बच्चे को जन्म दिया। परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार एंबुलेंस के लिए सूचना देने के बावजूद उसके समय पर नहीं पहुंचने से महिला को काफी देर तक सड़क किनारे प्रसव पीड़ा से जूझना पड़ा।
डोडहर निवासी अर्जुन की पत्नी रेशम बृहस्पतिवार को मायके से घर लौट रही थीं। एनटीपीसी रिहंद के स्वागत गेट से आवासीय परिसर की ओर जाते समय कर्मचारी विकास केंद्र के पास अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला सड़क किनारे दर्द से कराहती रही। आरोप है कि लोगों ने एंबुलेंस के टोल फ्री नंबर पर सूचना दी, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसी दौरान महिला ने सड़क किनारे बच्चे को जन्म दे दिया।
राहगीरों ने महिला की स्थिति देखकर एनटीपीसी धनवंतरी चिकित्सालय को सूचना दी। इसके बाद अस्पताल की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। लोगों की मदद से महिला और नवजात को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार और जांच के बाद दोनों को स्वस्थ बताते हुए छुट्टी दे दी गई। एनटीपीसी रिहंद के उप प्रबंधक (मानव संसाधन) रौशन कुमार ने बताया कि महिला का प्रसव सड़क किनारे हो गया था। टहल रहे एक अधिकारी की नजर पड़ने पर उन्होंने सूचना दी, जिसके तत्काल बाद एंबुलेंस भेजी गई। महिला को अस्पताल में उपचार और हरसंभव मदद दी गई। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
सुबह 8.35 बजे जब एंबुलेंस के लिए फोन आया, तब बीजपुर की एंबुलेंस नंबर 7071 एक मरीज लेकर अस्पताल जा रही थी। मरीज को पहुंचाने के बाद करीब सवा नौ बजे चालक ने संबंधित कॉलर से संपर्क किया तो बताया गया कि प्रसव हो चुका है। अब एंबुलेंस की जरूरत नहीं है। सुदूर इलाकों में नेटवर्क और लंबी दूरी के कारण थोड़ी दिक्कत आती है। - अखलाक बेग, क्लस्टर प्रभारी, एंबुलेंस सेवा।