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Varanasi: संकटमोचक हनुमान से की जोशीमठ का संकट हरने की प्रार्थना, विद्यामठ में हुआ हनुमान चालीसा का पाठ

Sun, 08 Jan 2023 01:49 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sun, 08 Jan 2023 01:49 PM IST
सार

अखिल भारतीय आध्यात्मिक उत्थान मंडल की ओर से 11 हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। काशी क्षेत्र के प्रेस प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि जोशीमठ को संकट से उबारने के लिए भगवान हनुमान से प्रार्थना की गई है।

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Prayed to the troublemaker Hanuman to end the crisis of Joshimath
संकटमोचन मंदिर, वाराणसी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जोशीमठ में हो रहे भूधंसाव को रोकने के लिए शनिवार को संकटमोचन हनुमान से प्रार्थना की गई। श्री विद्यामठ का प्रांगण हनुमान चालीसा की चौपाइयों से गूंज उठा। अखिल भारतीय आध्यात्मिक उत्थान मंडल की ओर से 11 हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। काशी क्षेत्र के प्रेस प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि जोशीमठ को संकट से उबारने के लिए भगवान हनुमान से प्रार्थना की गई है। इसके लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। वह जोशीमठ पहुंच चुके हैं। उनके निर्देश पर ही ज्योतिर्मठ में दो दिन से जोशीमठ वासियों के खाने व रहने का प्रबंध किया गया है। इस दौरान पं. जयंतुजय शास्त्री पं. दीपेश दुबे, साध्वी पूर्णांबा, साध्वी शारदांबा आदि मौजूद रहे। 

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Prayed to the troublemaker Hanuman to end the crisis of Joshimath
जोशीमठ में भू-धंसाव से घर में आई दरार - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव से स्थिति लगातार बिगड़ रही है। भू-धंसाव ने क्षेत्र के सभी वार्डों को चपेट में ले लिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीएमओ लगातार मामले की निगरानी कर रहा है। स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार शाम उच्च स्तरीय बैठक की। वह आज शनिवार को जोशीमठ ग्राउंड जीरो हालात का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां प्रभावितों से बातचीत की। कहा कि प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना उनकी पहली प्रथामिकता है। 


जोशीमठ में भू-धंसाव की स्थिति किस दिन सामने आई?
गेटवे ऑफ हिमालय’ के नाम से मशहूर जोशीमठ भू-धंसाव के कठिन दौर से गुजर रहा है। दिसंबर के महीने में क्षेत्र में कई जगहों पर भू-धंसाव की घटनाएं आई थीं। शहर के मनोहर बाग वार्ड, गांधी वार्ड और सिंधार वार्ड में लोगों ने घरों में दरार आने की बातें कही थी। नगर क्षेत्र में भू-धंसाव से मकानों के साथ कृषि भूमि के भी प्रभावित होने की घटनाएं आईं। यहां खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी और कई जगहों पर तो खेतों की दरारें एक फीट तक चौड़ी हो गईं। 

इन घटनाओं के बाद प्रशासन भी हरकत में आया और चमोली जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने दो दिनों तक नगर में भू-धंसाव से प्रभावित मकानों के सर्वे किया। तहसील प्रशासन, नगर पालिका, आपदा प्रबंधन और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने घर-घर जाकर बारीकी से निरीक्षण किया। जोशीमठ नगर में करीब दो हजार मकान हैं। रविवार तक भू-धंसाव से 581 मकानों में दरारें आ चुकी थीं। 

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