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प्रवीण तोगड़िया ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा- काशी, मथुरा और अयोध्या तय करेगी अगला पीएम
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 09 Aug 2018 02:19 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि 2019 का प्रधानमंत्री किसान, युवा और काशी, मथुरा, अयोध्या तय करेगी। राष्ट्रीय किसान परिषद के बैनर तले देश भर के 162 किसान संगठन एकजुट होकर किसानों की आवाज को बुलंद करेंगे।
किसानों को कर्ज मुक्त करने के लिए आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। 15 अगस्त को मध्य प्रदेश से इस आंदोलन की शुरुआत होगी। वर्तमान केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से दिशाहीन सरकार है।
बुधवार को बातचीत के दौरान तोगड़िया ने कहा कि किसान आंदोलन के तहत एक लाख गांवों में राष्ट्रीय किसान परिषद संगठन को तैयार किया जाएगा। 2019 के पहले देश के सभी राजनीतिक दलों और सत्ता में बैठे लोगों को किसानों के हित में सही निर्णय लेने के लिए बाध्य करेंगे।
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चुनाव लड़ने के सवाल पर उनका कहना था कि परिस्थितियों के हिसाब से निर्णय लिया जाएगा। वर्तमान केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से दिशाहीन सरकार है। किसानों के मुद्दे पर पूर्ववर्ती सरकारों और वर्तमान केंद्र सरकार में कोई खास अंतर नहीं है।
फसल बीमा योजना का लाभ देश के केवल आठ फीसदी किसानों को ही मिल रहा है। बीमा योजना के लिए चिह्नित की गई 22 कंपनियों में से 15 कंपनियां तो प्राइवेट हैं। किसानों के हित के लिए बनाए गए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को अभी तक लागू नहीं किया गया है।
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किसानों को कर्ज मुक्त करने के लिए आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। 15 अगस्त को मध्य प्रदेश से इस आंदोलन की शुरुआत होगी। वर्तमान केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से दिशाहीन सरकार है।
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बुधवार को बातचीत के दौरान तोगड़िया ने कहा कि किसान आंदोलन के तहत एक लाख गांवों में राष्ट्रीय किसान परिषद संगठन को तैयार किया जाएगा। 2019 के पहले देश के सभी राजनीतिक दलों और सत्ता में बैठे लोगों को किसानों के हित में सही निर्णय लेने के लिए बाध्य करेंगे।
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चुनाव लड़ने के सवाल पर उनका कहना था कि परिस्थितियों के हिसाब से निर्णय लिया जाएगा। वर्तमान केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से दिशाहीन सरकार है। किसानों के मुद्दे पर पूर्ववर्ती सरकारों और वर्तमान केंद्र सरकार में कोई खास अंतर नहीं है।
फसल बीमा योजना का लाभ देश के केवल आठ फीसदी किसानों को ही मिल रहा है। बीमा योजना के लिए चिह्नित की गई 22 कंपनियों में से 15 कंपनियां तो प्राइवेट हैं। किसानों के हित के लिए बनाए गए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को अभी तक लागू नहीं किया गया है।