फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   power cut in Varanasi District Hospital doctors treating with mobile light

वाराणसी जिला अस्पताल की बत्ती गुल: डॉक्टर बोले- मोबाइल की लाइट जलाओ, दवाई लिख देता हूं

Tue, 11 Jun 2024 12:33 PM IST
प्रगति चंद रबीश श्रीवास्तव, वाराणसी।
रबीश श्रीवास्तव, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 11 Jun 2024 12:33 PM IST
सार

अमर उजाला की पड़ताल में वाराणसी के दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल का हाल बेहाल दिखा। यहां इमरजेंसी ओटी, एक्सरे पर ताला लटका रहा तो ओपीडी में मोबाइल की रोशनी में डॉक्टर ने दवाइयां लिखीं।  

विज्ञापन
power cut in Varanasi District Hospital doctors  treating with mobile light
मोबाइल की रोशनी में डॉक्टर ने लिखी दवाइयां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल की इमरजेंसी ओटी, डिजिटल एक्सरे पर ताला लगा रहा। तय समय पर ओपीडी तो खुली लेकिन अंधेरा छाया रहा। मोबाइल की रोशनी में डॉक्टरों ने पर्चे पर दवाइयां लिखीं। सुबह नौ बजे तक एआरवी कक्ष नहीं खुला। लिहाजा दूर दराज से आए लोग थक हारकर जमीन पर बैठे रहे। सोमवार को अमर उजाला की पड़ताल में ऐसा ही दृश्य नजर आया।

विज्ञापन


जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं दिलाने का दावा तो खूब किया जाता है लेकिन हकीकत बिल्कुल इससे अलग है। स्थिति यह है कि यहां दो दिन लगातार शार्ट सर्किट होने के बाद भी प्रशासन ने नहीं चेता। सोमवार को सुबह ओपीडी ब्लॉक-2 की ओपीडी में अंधेरा छाया रहा। सुबह 8 बजे भी बिजली नहीं आई तो मरीजों को डॉक्टरों ने देखना शुरू किया। 
विज्ञापन

फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ ने अपने कमरे में मरीजों से मोबाइल का टार्च जलाने को कहा और उसी की रोशनी में दवाइयां और जांच लिखी। करीब पौने नौ बजे बिजली आई। उधर अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चलने वाली इमरजेंसी की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। सोमवार की सुबह 8 बजे यहां पंजीकरण काउंटर पर कोई नहीं दिखा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

अंदर जाने पर डिजिटल एक्सरे कक्ष पर ताला लगा रहा। ऑपरेशन थिएटर में भी ताला लटकता मिला। इसके गेट पर कूलर रख दिया गया है। कुत्ता काटने के बाद एआरवी भूतल पर औषधि भंडार कक्ष के पास बने कमरे में लगाई जाती है। वह भी सुबह 9 बजे तक नहीं खुली। यहां पर्चा जमा कर लोग ताला खुलने का इंतजार करते रहे। लोगों ने बताया कि हर दिन सुबह 9 बजे से पहले कभी भी नहीं खुलता है। इस वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है।

नौ बजे के बाद शुरू हो सका सीटी स्कैन
अस्पताल परिसर में ट्रॉमा सेंटर के बाहर ही सीटी स्कैन सेंटर बना है। यहां मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। यहां करीब सवा आठ बजे कर्मचारी आए। पर्चा जमा करवाने के बाद सुबह 9.15 बजे के बाद ही सीटी स्कैन शुरू हो सका। तब तक मरीज वहीं जमीन पर बैठे रहे। कुछ लोग ज्यादा थक गए थे तो वहीं पर लेट गए।

एमसीएच विंग में नौ बजे तक किसी डॉक्टर का पता नहीं

जिला अस्पताल परिसर में ही गर्भवती महिलाओं के जांच, इलाज के लिए 50 बेड वाला एमसीएच विंग भी चलता है। यहां वैसे तो कागज पर सुबह 8 बजे से दोपहर दो बजे तक ओपीडी का समय है लेकिन सोमवार की सुबह नौ बजे तक यहां कोई डॉक्टर नहीं आया। पहले तल पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से लेकर ईएमओ, बाल रोग विशेषज्ञ सहित अन्य डॉक्टरों का कमरा बना है। महिलाएं कमरों के बाहर बैठी रही लेकिन सुबह 9 बजे तक डॉक्टर नहीं आई थीं।

नर्सिंग की पढ़ाई करने वाली कुछ छात्राएं चिकित्सकीय कामकाज में सहयोगी की भूमिका निभाती हैं। वह आ तो गई थी लेकिन बिना डॉक्टर के आए वह भी कुछ नहीं कर सकती थी। डॉक्टरों के कमरों के बाहर बैठी गर्भवती महिलाओें और उनके परिजनों का कहना था कि ओपीडी में वैसे भी सुबह 9 बजे तक ही डॉक्टर से मुलाकात हो पाती है। समय से डॉक्टर बैठ जातीं तो सहूलियत होती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed