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सुविधा: डाक विभाग बुक पोस्ट से नहीं, अब ज्ञान पोस्ट से भेजेगा पुस्तकें, प्रकाशकों व पाठकों को मिलेगी राहत

Tue, 06 May 2025 04:42 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 06 May 2025 04:42 PM IST
सार

Varanasi News: डाक विभाग अब ज्ञान पोस्ट से पुस्तकें भेजेगा। इस सुविधा से प्रकाशकों को किताबें भेजने व पाठकों व विद्यार्थियों को पुस्तक मंगाने में काफी राहत मिलेगी।

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Postal department will now send books through Gyan Post instead of Book Post in varanasi
डाक विभाग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डाक विभाग द्वारा बिना किसी सूचना के सॉफ्टवेयर में अपडेट कर रजिस्टर्ड बुक पैकेट की सुविधा को बंद कर छपी पुस्तकों की रजिस्टर्ड पार्सल की श्रेणी में तिगुना दर से बुकिंग की जाने लगी। इस समस्या को लेकर वाराणसी प्रकाशक संघ ने केंद्रीय संचार मंत्री को पत्रक सौंपा।
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समस्या से निजात दिलाने की दिशा में मांग स्वीकार करते हुए संचार मंत्री ने डाक घर में बुक-पोस्ट के नियम को नए नाम ज्ञान-पोस्ट में बदलाव करते हुए व्यवस्था को बहाल कर प्रकाशकों को सुविधा दी है। साथ ही डाक शुल्क में भी काफी रियायत दी है। 
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इस सुविधा से प्रकाशकों को किताबें भेजने व पाठकों व विद्यार्थियों को पुस्तक मंगाने में काफी राहत मिलेगी। इसकी 28 अप्रैल को संचार मंत्रालय (डाक विभाग) द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।
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प्रकाशक संघ के अध्यक्ष राकेश जैन ने बताया कि पहले छात्रों व भारतीय पाठकों के लिए डाक विभाग छपी पुस्तकों को रजिस्टर्ड बुक पैकेट की श्रेणी में रखते हुए एक रुपये प्रति 100 ग्राम की दर से 5000 ग्राम तक डाक व्यय व रजिस्ट्रेशन चार्ज 17 व 18 प्रतिशत जीएसटी चार्ज के साथ बुकिंग करता था। 

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कुछ माह पूर्व रजिस्टर्ड पार्सल की श्रेणी की दर से 19 रुपये 500 ग्राम तक, 16 रुपये अतिरिक्त 500 ग्राम से 20 किलो तक, रजिस्ट्रेशन चार्ज 17 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ बुकिंग कर रहा था। यानी पांच किलो तक पुस्तकों का पैकेट मंगाने में पहले लगभग 80 रुपये डाक व्यय आता था, जो 215 रुपये डाक व्यय हो गया था।  
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