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सीवर पर सियासत: महापौर ने अखिलेश के पोस्ट पर किया पलटवार, बोरी और मलबा मिलने को बताया साजिश; चर्चा तेज

Sun, 13 Sep 2026 07:01 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 13 Sep 2026 07:01 PM IST
सार

अखिलेश यादव के जलभराव संबंधी पोस्ट पर महापौर अशोक तिवारी ने पलटवार किया। उन्होंने काशी को बदनाम करने के अभियान पर सवाल उठाते हुए नई सड़क, बेनियाबाग, शिवाला और दुर्गाकुंड में सीवर से बोरी व मलबा मिलने को साजिश बताया। महापौर ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से जिम्मेदारों की पहचान कराई जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई होगी।

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Politics over sewer issue Mayor hits back Akhilesh Yadav x post terms discovery of sacks and debris conspiracy
मेयर अशोक तिवारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी में जलभराव और गलियों के जलमग्न होने को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यह स्थिति बनी है। महापौर अशोक तिवारी ने अखिलेश यादव के ट्वीट पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जलभराव को लेकर चलाए जा रहे अभियान की परिस्थितियों की जांच कराने की बात कही है।

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महापौर अशोक तिवारी ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को बनारस के बारे में कम जानकारी है। उनका सूचना तंत्र भी काफी कमजोर प्रतीत होता है। बिना सही जानकारी के उन्हें सोशल मीडिया पर वीडियो साझा नहीं करना चाहिए। महापौर ने अखिलेश यादव को इस तरह के छोटे राजनीतिक मामलों से बचने की सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि ऐसा तरीका नहीं अपनाना चाहिए जिससे काशी की बदनामी हो। यह काशी की जनता का सीधा अपमान है। सीवर पाइपलाइन में बोरी मिलने के मामले में जलकल विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी है। यह कदम जलभराव के पीछे की साजिश की ओर इशारा करता है।

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जलभराव अभियान और जांच
महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर एक अभियान चल रहा था। इसमें काशी में जलभराव, गलियों के जलमग्न होने की शिकायतें थीं। कई वार्डों में समस्याओं को लेकर लगातार वीडियो सामने आ रहे थे। सोशल मीडिया पर जहां-जहां शिकायतें और वीडियो मिले। वहां नगर निगम के अधिकारियों को भेजकर मौके की विस्तृत जांच कराई गई। जांच के दौरान कई स्थानों पर सीवर को कूड़े-करकट से ढका पाया गया। अन्य सामग्री से भी सीवर लाइनों को जानबूझकर बाधित किया गया था।

सीवर अवरोध और अवैध निर्माण
जांच में सामने आया कि कुछ स्थानों पर सीवर में बोरी भरकर डाली गई थी। कहीं-कहीं प्लाई डालकर सीवर को पूरी तरह ढक दिया गया था। महापौर ने नवेद कॉम्प्लेक्स का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने इसे एक अवैध बिल्डिंग बताया है। इस कॉम्प्लेक्स के नीचे से एक बड़ा नाला गुजरता है। उस नाले के ऊपर ही यह अवैध निर्माण किया गया है। नालों और सीवर की वर्तमान स्थिति की गहन जांच कराई जा रही है।

वास्तविक कारणों की पड़ताल और समाधान
इस जांच का मुख्य उद्देश्य जलभराव के वास्तविक कारणों का पता लगाना है। सीसीटीवी के इस आधुनिक दौर में यह पता लगाया जा सकता है। सीवर में बोरी कब डाली गई और किसके द्वारा डाली गई। इसके पीछे क्या वजह थी, यह भी स्पष्ट हो जाएगा। अधिकारियों ने जांच के दौरान सीवर में बोरे और नाले में मलबा भरा देखा है।

महापौर ने स्पष्ट किया कि इन गतिविधियों के लिए कौन जिम्मेदार है। इसका अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। नगर निगम और जलकल जलभराव की समस्या के समाधान के लिए लगातार काम कर रहे हैं। यदि जानबूझकर सीवर और नालों को बाधित किया गया है। तो यह नगर निगम, जलकल और काशी की जनता की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बात है।

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