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UP Politics: बाबा की पालकी यात्रा पर गरमाई राजनीति..., अजय राय ने BJP को घेरा; बोले- सनातन विरोधी है पार्टी

Thu, 13 Mar 2025 05:56 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 13 Mar 2025 05:56 PM IST
सार

काशी में बाबा की पालकी यात्रा को लेकर विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत के बेटे वाचस्पति ने प्रशासन पर आरोप लगाए थे। इसके एक दिन बाद कांग्रेस ने भी इसी मामले को लेकर पत्रकार वार्ता कर दी। इसमें अजय राय ने भाजपा पर सियासी तंज किया है।

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Politics heated up Palki Yatra of kashi vishwanath in varanasi Ajay Rai said BJP is anti-Sanatan
पत्रकारवार्ता को संबोधित करते अजय राय। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रंगभरी एकादशी पर बाबा श्री काशी विश्वनाथ की पालकी यात्रा को रोकने और मूर्ति को ढंककर यात्रा निकालने की अनुमति देना यह दर्शाता है कि वर्तमान सरकार को काशी की परंपरा से कोई लेना-देना नहीं है। उक्त बातें गुरुवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कही।

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उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में प्राचीन प्रतिमा के साथ प्रशासन द्वारा बनाई गई नई प्रतिमा रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। पहली बार गर्भगृह में दो-दो प्रतिमा स्थापित हुई। यह काशी की परंपरा के साथ खिलवाड़ है।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि बनारस जिसे दुनिया का प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शहर माना जाता है। सनातन काल से लगभग तीन सौ वर्षों से निर्बाध रूप से चली आ रही समृद्ध परंपरा को खंडित करने का लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मोदी-योगी सरकार के इशारे पर यह कृत्य किए जा रहे हैं।

हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा स्वयं सनातन विरोधी है। शासन-प्रशासन की मंशा बहुत पहले से ही काशी विश्वनाथ मंदिर को पूर्ण रूप से अपने कब्जे में लेने की है। कहा कि मंदिर का अधिग्रहण हो गया और अब हिंदुओं की परंपरा, रीतियों का भी अधिग्रहण होना शुरू हो गया है।

पूर्व सीईओ के आदेश पर भी रखी अपनी बात

अजय राय ने कहा कि मंदिर के सीईओ सुनील वर्मा 2021 में आदेश निकालते हैं कि प्रतिमा मंदिर में ले आइए कोई आपत्ति नहीं। 2024 में 19 अगस्त को दशाश्वमेध से आदेश जारी होता है कि पंचबदन प्रतिमा की शोभायात्रा न निकालिए, ताकि शांतिव्यवस्था बनी रहे।

वहीं, 2025 में 6 मार्च को सीधे 168 की नोटिस महंत परिवार को दे दी जाती है। नोटिस की भाषा आत्मग्लानि से परिपूर्ण है। कहा कि क्या अब तक पालकी में शामिल होने वाले अराजक तत्व थे, जिससे शांति व्यवस्था भंग हो रही थी। 

कहा कि भाजपा सरकार काशी की सभ्यता, संस्कृति, आस्था, परंपरा को खत्म करने में तुली हुई है। चेताया कि हम काशीवासी भाजपा के सनातन विरोधी मंसूबों को सफल होने नहीं देंगे। हम काशीवासी काशी के अस्मिता, आस्था, संस्कृति को बचाने की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

इस दाैरान जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, प्रमोद पांडेय, फ़साहत हुसैन बाबू, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, वकील अंसारी, राजीव राम, अनुभव राय, चंचल शर्मा, रोहित दुबे, आशिष गुप्ता, विकास कौंडिल्य, मो. उज्जैर, सुभम सिंह आदि लोग रहे।

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