फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   political parties face the challenge of bringing in assembly election demonstration Lok Sabha

UP Politics: दलों के सामने विधानसभा चुनाव का प्रदर्शन लोकसभा तक लाने की चुनौती, जानें- सीटों के आंकड़ें

Fri, 10 May 2024 11:15 AM IST
अमन विश्वकर्मा राहुल दुबे, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
राहुल दुबे, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 10 May 2024 11:15 AM IST
सार

UP Politics: वाराणसी की सभी आठ सीटों पर भाजपा और सहयोगी दल अपना दल ने कब्जा जमाया। यहां प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद, बूथों पर संवाद खुद सीधे किया। अंत समय में रोड शो, जनसभा के जरिए सभी को साध ले गए। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने प्रबुद्धजनों से भी मुलाकात की थी।

विज्ञापन
political parties face the challenge of bringing in assembly election demonstration Lok Sabha
लोकसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चुनाव लोकसभा का है, मगर पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़े भी मायने रखते हैं। पूर्वांचल के 10 जिलों में 13 लोकसभा सीटें और इन्हीं 10 जिलों में 61 विधानसभा सीटें हैं। पिछले चुनाव में भाजपा को जहां 12 सीटों का नुकसान हुआ था तो सपा को 19 सीटों का फायदा हुआ था। बसपा के पास सिर्फ एक ही सीट थी। ऐसे में इस चुनाव में इन विधायकों की भी परीक्षा है कि वह अपना प्रदर्शन कैसा रखते हैं।

विज्ञापन


पूर्वांचल के 10 जिलों की 61 सीटों पर भाजपा को 2017 विधानसभा चुनाव के मुकाबले 12 सीटों का नुकसान हुआ था। भाजपा को 10 जिलों में 29 सीटों पर विजय मिली थी, जबकि सपा ने पिछले प्रदर्शन को सुधारते हुए 31 सीटों पर कब्जा जमाया था। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा के हिस्से में सिर्फ 12 सीटें ही आई थी। वहीं बसपा के खाते में सिर्फ एक सीट ही आई जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। वहीं 2017 के चुनाव में बसपा के हिस्से में सात और कांग्रेस के खाते में एक सीट आई थी।
विज्ञापन


हालांकि वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था और सभी सीटों पर जीत हासिल की थी मगर आजमगढ़ से भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया था। गाजीपुर में अपनी पांच सीटों को खो दिया था जबकि पिछले चुनाव में तीन सीटों पर भाजपा और दो सीटों पर तत्कालीन सहयोगी पार्टी सुभासपा को जीत मिली थी। ऐसे ही बलिया और जौनपुर में भी भाजपा को सीटों का नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बार बदले हुए हैं समीकरण
2017 के चुनाव में भाजपा ने सुभासपा के साथ चुनाव लड़ा। वहीं 2022 में सुभासपा, समाजवादी पार्टी के साथ चली गई। इस बार फिर सुभासपा भाजपा के साथ आ गई है। इन दोनों साल में प्रदर्शन में आए फर्क को भी सुभासपा का असर माना जाता है। दरअसल पूर्वांचल की कई सीटें राजभर बहुल हैं। ऐसे में इन सीटों पर इस बिरादरी का असर साफ दिखाई देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed