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UP: पशुओं की हड्डियां बटोर ले आई पुलिस, मेरा शशांक अभी जिंदा है, वाराणसी में मामा ने लगाया आरोप; जांच की मांग

Sun, 22 Jun 2025 02:59 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 22 Jun 2025 02:59 PM IST
सार

बीते शुक्रवार को वाराणसी के शिवपुर हाइवे पर हंगामे की सूचना मिलते ही माैके पर स्थानीय पुलिस भी पहुंच गई थी। आसपास के लोगों के साथ ही परिजनों को समझाने का प्रयास शुरू किया था। काफी मशक्कत के बाद लोग शांत हुए।

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Police collected animal bones my Shashank is still alive maternal uncle alleges demand for investigation
मृतक की फाइल फोटो और आरोपी रोहित पटेल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाईकोर्ट ने पुलिस पर दबाव बनाया तो ढाई माह के मामले को पुलिस ने ढाई दिन में ही निपटा दिया। पुलिस ने जो हड्डियां बटोरी है, वह पशुओं की है। मेरा शशांक अभी जिंदा है। पुलिस ने मनगढ़ंत हत्या की कहानी गढ़ी है। गांव के रोहित पटेल को आरोपी बनाया। उस पर बयान बदलवाने का दबाव बनाया गया। यह आरोप सरसवा निवासी शशांक के मामा समरजीत, बड़ी बहन निशा और चाची अमरावती ने पुलिस पर लगाया। सभी ने मामले की जांच की मांग की है। 

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शशांक की बड़ी बहन निशा पटेल ने कहा कि पुलिस की मनगढ़ंत कहानी है। 12 जून को हाईकोर्ट ने कमिश्नरेट पुलिस से जवाब मांगा था। 9 जुलाई अंतिम तिथि है, उसी में प्रशासन मनगढ़ंत कहानी बनकर मेरे भाई शशांक को मृत बता रही है। मेरा भाई मरा नहीं है, पुलिस कहती है कि बियर की बोतल और रस्सी और सैंडल मिला है, मैं कैसे मान लूं कि सारा सामान मेरे भाई का है।
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इस बारे में कैंट एसीपी विद्युष सक्सेना के अनुसार पोस्टमार्टम के चिकित्सकों ने बताया की हड्डियां जो मिला है, वह इंसान की ही है। हड्डी का डीएनए करवा रहे हैं। बयान में आरोपी रोहित ने बताया कि घटना में हम अकेले थे। लेकिन शक है कि वारदात में और भी हो सकते हैं। 

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ये है पूरा मामला

तीन लाख रुपये के लिए शशांक की हत्या बचपन के दोस्त रोहित पटेल ने की थी। शशांक के पिता ने एक करोड़ की जमीन बेची थी। उस पैसे में से रोहित तीन लाख रुपये की मांग कर रहा था। पैसा नहीं देने पर उसे बाइक से चार किमी दूर ऊंदी गांव के पास ले गया और रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी। फिर शव को झाडि़यों में फेंक दिया था। 

झाड़ी से शशांक का सैंडल और कंकाल को पुलिस ने गुरुवार को बरामद किया। घटना से आक्रोशित लोगों ने चांदमारी-हरहुआ मार्ग को दो घंटे तक चक्का जाम कर दिया। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक समेत दो दरोगा निलंबित किए गए।

डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी आरोपी सरसवा निवासी रोहित पटेल है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सरसवा के रहने वाले शशांक के पिता ने एक करोड़ की जमीन बेची थी। अपना घर भी बनवा रहे थे। पैसे के लालच में शशांक का अपहरण कर उसके घर से पैसे लेने की योजना बनाई।

 

पुलिस ने शुरू की पड़ताल

31 मार्च की शाम शशांक को फोन किया, लेकिन वह नहीं आया। उसी दिन शाम को घर से शशांक को अपनी गाड़ी में बैठाकर घर से चार किमी दूर के उंदी गांव के सुनसान खेत में ले गया और वहां बीयर पी। शशांक से अंतिम बार पैसे की मांग की ताे उसने मना कर दिया। 

इस बीच गाड़ी में रखी रस्सी से उसका गला कसकर मौत के घाट उतार दिया। खुद को बचाने के लिए शशांक के घर वालों के साथ खेत में भी मौजूद रहा। साथ में एफआईआर लिखवाने थाने भी गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष राजू कुमार, एसएसआई सुनील कुमार यादव रहे।

यह भी पढ़ें: तीन लाख की फिरौती के लिए बचपन के दोस्त की हत्या, झाड़ियों में मिला कंकाल; वाराणसी में दो दरोगा निलंबित

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