सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर करके 50 लाख गबन करने की कोशिश, एनएचएम के अधिकारी समेत चार गिरफ्तार
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बलिया जिले में फर्जी बिल और सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर 50 लाख से अधिक की धनराशि गबन करने की कोशिश करने के आरोप में गुरुवार को एनएचएम के जिला लेखा प्रबंधक पवन कुमार वर्मा, स्वास्थ्य विभाग के दो लिपिक(क्लर्क) मुन्ना बाबू और मनोज यादव के साथ एक फर्म के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया। इसमें तीन लाख रुपये फर्म के खाते में पीएफएमएस के जरिए भेज भी दिया गया है।
इन सभी पर सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन कुमार जैन की जांच में सरकारी धन की यह लूट पकड़ में आई है। जांच में उन्होंने यह भी पाया है कि 22 लाख और इससे ऊपर तक का भुगतान सिर्फ एक कोटेशन के आधार पर कर दिया गया है।
साथ ही जांच में पाया कि इन्होंने कोई टेंडर नहीं, मात्र एक पेज की बिल के सहारे 50 लाख तक का भुगतान कर दिया गया है। सीएमओ द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही की जा रही है।
सीएमओ डॉ प्रीतम शुक्ला ने बताया कि ये हस्ताक्षर जिस दिन के हैं, उस दिन वह जिले में नहीं थे, वह शादी में गए हुए थे। उसके बाद वहीं से हाईकोर्ट चले गए थे। यानी, सीएमओ को भी नहीं पता है कि ये दस्तखत कब के हैं। इसके अलावा बिना टेंडर के 50 लाख तक का भुगतान करने का प्रयास किया गया। यही नहीं, जो बिल लगाया गया है वह सत्यापित नहीं है। बिना सत्यापन किए ही तीन लाख रुपये का भुगतान कर भी दिया गया है।